
HIGHLIGHTS: लंगराडुबा गांव में खूनी वारदात
- सनसनीखेज हत्या: पति मो. आलम ने अपनी पत्नी जोहरा खातून की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी।
- मासूमों की चीख: दंपति के 4 बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटा बच्चा महज 1 माह का है।
- दिल्ली से वापसी: परिवार 6 माह पहले ही दिल्ली से गांव लौटा था; आपसी विवाद बनी हत्या की वजह।
- पुलिस एक्शन: गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी।
किशनगंज (ठाकुरगंज) | 18 मार्च, 2026
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत गलगलिया थाना क्षेत्र में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पति, जिसने 20 साल तक साथ निभाया, वही अपनी पत्नी का ‘काल’ बन गया। लंगराडुबा गांव में सोमवार की देर रात मो. आलम ने अपनी पत्नी जोहरा खातून को घर के पास ही मौत के घाट उतार दिया।
20 साल का रिश्ता और 1 महीने का ‘अनाथ’ मासूम
ग्रामीणों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जितना क्रूर है, उतना ही दुखद भी है:
- लंबा साथ: जोहरा और आलम की शादी को 20 साल हो चुके थे। उनका सबसे बड़ा बेटा 17 साल का है।
- दुधमुंहा बच्चा: सबसे ज्यादा दर्दनाक यह है कि जोहरा का सबसे छोटा बच्चा केवल 1 महीने का है, जिसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
- विवाद की जड़: लंबे समय तक दिल्ली में रहने के बाद यह परिवार 6 महीने पहले ही गांव लौटा था। बताया जा रहा है कि घर में अक्सर विवाद होता रहता था, जिसने सोमवार रात खूनी मोड़ ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई: “दबोचा जाएगा कातिल”
गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि घटना के बाद से ही आरोपी मो. आलम घर छोड़कर फरार है। मृतका के भाई के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
VOB का नजरिया: क्या ‘गुस्सा’ ममता और मर्यादा से बड़ा हो गया?
किशनगंज की यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और घरेलू हिंसा का वीभत्स चेहरा है। जिस पति को 1 महीने के बच्चे की किलकारियों और अपनी पत्नी के संघर्ष का सम्मान करना चाहिए था, उसने एक झटके में सब कुछ खत्म कर दिया। सवाल यह है कि उन 4 बच्चों का क्या होगा, जिनकी मां मिट्टी में मिल गई और पिता सलाखों के पीछे जाने की कगार पर है? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की मांग है कि पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे ताकि ऐसे अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो।


