भागलपुर | 12 अगस्त 2025: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड के ममलखा गांव में गंगा का विकराल रूप अब जानलेवा साबित हो रहा है। लंबे समय से खतरे की घंटी बजा रहा ममलखा गंगा बांध आखिरकार टूट गया। नतीजा—गांव में बाढ़ का पानी इस कदर घुसा कि सरकारी स्कूल से लेकर सैकड़ों घर जलमग्न हो गए।
पहले भी उठी थी चेतावनी, पर अनदेखी भारी पड़ी
हमारे चैनल ने पहले भी इस इलाके में कटाव निरोधी कार्य में अनियमितताओं की खबर दिखाई थी। भाजपा नेता दिलीप मिश्रा ने भी समय रहते सवाल उठाया था कि बांध पर हो रहे काम में लापरवाही बरती जा रही है और गंगा यहां रोजाना सैकड़ों मीटर जमीन निगल रही है।
लेकिन चेतावनी के बावजूद काम की रफ्तार नहीं बढ़ी और अब इसका खामियाजा गांववासियों को भुगतना पड़ रहा है।
गांव में घुसा गंगा का पानी, हालात भयावह
बांध टूटते ही गंगा का पानी तेजी से ममलखा गांव में घुस आया।
- सरकारी स्कूल पूरी तरह पानी में डूब गया है
- सैकड़ों घर जलमग्न हो चुके हैं
- NH के कई हिस्सों और आसपास की पंचायतों में भी पानी भर गया है
ग्रामीण अब ऊंची जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं और राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
कटाव से गांव का अस्तित्व खतरे में
बांध टूटने के बाद कटाव की रफ्तार और तेज हो गई है। गंगा किनारे बसे लोग दिन-रात इस डर में जी रहे हैं कि अगला नंबर उनके घर का न हो जाए।
गांव के लोग जल संसाधन विभाग पर आरोप लगा रहे हैं कि कटाव निरोधी कार्य धीमी गति से चलाया गया, जिससे यह आपदा टल सकती थी लेकिन नहीं टली।


