मानवता शर्मसार! नाले में फेंका गया नवजात का शव, आवारा कुत्ते बना रहे थे निवाला; दरभंगा अस्पताल की बड़ी लापरवाही

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • हृदयविदारक: बिहार के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल DMCH के न्यू सर्जिकल भवन के पास मिली नवजात की लाश।
  • खौफनाक मंजर: नाले में पड़े शव को आवारा कुत्ते रहे थे नोच, प्रत्यक्षदर्शियों के उड़े होश।
  • लापरवाही: बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों की उड़ी धज्जियां; खुले में फेंका गया शव।
  • जांच: बेंता थाना पुलिस और अस्पताल प्रशासन सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटा।

​​दरभंगा | 03 मार्च, 2026: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) के परिसर में एक नवजात के शव को आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने की घटना सामने आई है। यह घटना न केवल अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाती है, बल्कि सुरक्षा और कचरा प्रबंधन के बड़े-बड़े दावों की हकीकत भी बयां करती है।

कुत्तों के झुंड को झपटते देख सहम गए लोग

​घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है। अस्पताल के न्यू सर्जिकल भवन के समीप बने नाले के पास कुत्तों का एक झुंड किसी चीज पर झपट रहा था।

  • दृश्य: जब वहां से गुजर रहे मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पास जाकर देखा, तो उनके रोंगटे खड़े हो गए। कुत्ते एक नवजात शिशु के शव को क्षत-विक्षत कर रहे थे।
  • कार्रवाई: लोगों ने तुरंत शोर मचाकर कुत्तों को भगाया और इसकी सूचना बेंता थाना पुलिस एवं अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को दी।

बायोमेडिकल वेस्ट या कोई गहरी साजिश?

​इस घटना ने DMCH परिसर में कचरा निपटान प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. अवैध डंपिंग: आशंका जताई जा रही है कि शव को बायोमेडिकल कचरे के साथ गुपचुप तरीके से खुले में फेंक दिया गया।
  2. प्राइवेट क्लीनिकों का शक: अस्पताल परिसर के आसपास बड़ी संख्या में निजी नर्सिंग होम संचालित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये क्लीनिक भी अक्सर रात के अंधेरे में अपना मेडिकल कचरा और भ्रूण/शव यहीं फेंक देते हैं।

अस्पताल प्रशासन का पक्ष: “एजेंसी पर गिरेगी गाज”

​मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन बचाव की मुद्रा में आ गया है। DMCH के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा:

​”यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हम सीसीटीवी फुटेज की जांच करवा रहे हैं ताकि पता चले कि यह अस्पताल की गलती है या बाहर से कोई शव फेंक गया है। बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अधिकृत एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी।”

 

पुलिस की तफ्तीश: अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

​बेंता थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि पिछले 24-48 घंटों में अस्पताल में कितने नवजातों की मृत्यु हुई और उनके शवों का रिकॉर्ड क्या है। पुलिस को संदेह है कि अस्पताल के ही किसी विभाग या सफाई कर्मी की मिलीभगत से यह कृत्य हुआ है।

VOB का नजरिया: कब तक ‘कूड़े’ में मिलती रहेगी इंसानियत?

​DMCH में यह पहली बार नहीं है जब सुरक्षा में सेंध लगी हो, लेकिन एक मृत नवजात को कुत्तों का निवाला बनने के लिए छोड़ देना क्रूरता की पराकाष्ठा है। यदि अस्पताल प्रशासन अपने परिसर में एक शव की गरिमा नहीं बचा सकता, तो जीवित मरीजों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि केवल एजेंसी पर कार्रवाई नहीं, बल्कि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय हो।

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