सहरसा: बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने एक नशे में धुत व्यक्ति को चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। पुलिस जांच में यह साबित हुआ कि वह व्यक्ति चोरी नहीं कर रहा था, बल्कि नशे की हालत में गलती से बच्चा वार्ड में पहुंच गया था।
नशे की हालत में बच्चा वार्ड पहुंचा था व्यक्ति
घायल व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय बिजली राउत के रूप में हुई है, जो सहरसा नगर के वार्ड नंबर 13, संजय पार्क के पास का निवासी है। परिजनों का कहना है कि वह गुरुवार शाम चाय पीने निकला था और नशे की वजह से सीधे सदर अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में चला गया।
नर्स ने गार्ड को दिया अलर्ट, फिर शुरू हुई मारपीट
ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने जब वार्ड में एक अनजान व्यक्ति को देखा, तो तुरंत सुरक्षा गार्डों को बुला लिया।
गार्डों ने बिना पूछताछ किए उसे चोर समझ लिया और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी।
इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ही पुलिस को फोन कर बताया कि उन्होंने एक “चोर” पकड़ा है।
पुलिस जांच में नहीं मिला चोरी का कोई सबूत
सदर थाना पुलिस टीम, जिसमें एसआई जितेंद्र कुमार शामिल थे, मौके पर पहुंची और पूरे वार्ड की जांच की।
जांच में:
- न तो किसी सामान के चोरी होने के प्रमाण मिले
- न ही तोड़फोड़ का कोई निशान मिला
- व्यक्ति पूरी तरह नशे की हालत में था
पुलिस ने पुष्टि की कि यह मामला गलतफहमी का है और व्यक्ति चोर नहीं था।
इलाज जारी, परिवार ने गार्डों पर कार्रवाई की मांग की
घायल बिजली राउत का इलाज वर्तमान में सदर अस्पताल में ही चल रहा है।
एसआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित अभी नशे में है, इसलिए अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
शिकायत मिलने पर गार्डों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने सुरक्षा गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


