संसद भवन की सुरक्षा में सेंध के मामले में गृह मंत्रालय ने बनाई SIT, पांच हिरासत में

संसद भवन की सुरक्षा में बुधवार (13 दिसंबर) को बड़ी चूक का मामले सामने आया. दर्शक दीर्घा में बैठे दो लोग सांसदों की बैठने वाली जगह में कूद गए और केन के जरिए धुआं फैला दिया. इसके अलावा परिसर में दो अन्य लोगों ने प्रदर्शन करते हुए केन के माध्यम से धुआं करते हुए तानाशाही नहीं चलेगी का नारा लगाया. सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है. इस बीच गृह मंत्रालय ने जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है.

मंत्रालय ने कहा, ”लोकसभा सेक्रेटरी जनरल के पत्र पर गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ के डीजी अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है. इसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे.”

गृह मंत्रालय ने क्या कहा?

गृह मंत्रालय ने कहा, ”कमेटी इस बात की जांच करेगी कि सुरक्षा में कैसे चूक हुई और सुरक्षा में हुई कमी की वजह जानकर कार्रवाई करेगी. कमेटी इसके अलावा सुरक्षा बेहतर करने को लेकर जल्द से जल्द रिपोर्ट देगी.”

विपक्ष हमलावर

पूरे मामले को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों के भीतर बयान दें. इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष राजनीति कर रहा है.

कैसे घटना हुई?

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और धुआं फैला दिया. वीडियो में दिख रहा है कि सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था. सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने उसे घेर लिया. बाद में दोनों को पकड़ लिया गया.

बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति अग्रवाल ने संसद भवन परिसर न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, ‘‘हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया. फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था. फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे. एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया.’’

पांच लोग पकड़े और एक फरार

पुलिस ने बताया कि मामले में पांच लोग पकड़े गए और एक फरार है. लोकसभा में कूदने वाले शख्स की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में हुई है. वहीं अमोल शिंदे और नीलम को संसद भवन के बाहर से पकड़ा गया. इनका पांचवां साथी ललित भी संसद में चारों के साथ आया था, लेकिन हंगामा होने पर वो भाग गया और जो कि फरार है. इनका छठे साथी विक्की को भी पुलिस ने पकड़ लिया है.

पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि सभी आरोपी काफी दिन से प्लान कर रहे थे. सभी लोग सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से जुड़े हुए थे. सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल करेगी. मामले में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

कौन हैं आरोपी?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर से पकड़े गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है. वहीं मनोरंजन पेशे से ऑटो ड्राइवर है और कर्नाटक का रहने वाला है. वहीं सागर शर्मा लखनऊ का निवासी है. सभी आरोपी एक दूसरे को जानते थे.

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