भागलपुर | 03 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- संपन्न: सोमवार देर रात शहर के गली-मोहल्लों में श्रद्धा के साथ हुआ होलिका दहन।
- ग्रहण का साया: मंगलवार (आज) साल का पहला चंद्र ग्रहण, सुबह 8:50 से ही सूतक प्रभावी।
- मंदिर बंद: शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे मंदिरों के पट, ग्रहण के कारण होली अब बुधवार को।
- परंपरा: मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने की ‘ठंडी होली’ की पूजा, गणगौर अनुष्ठान शुरू।
भागलपुर: रेशम नगरी भागलपुर में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ‘होलिका दहन’ सोमवार देर रात पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। शहर के चप्पे-चप्पे पर अग्नि प्रज्वलित कर लोगों ने आपसी बैर मिटाने और खुशियां बांटने का संकल्प लिया। हालांकि, इस बार फागुनी मस्ती के बीच खगोलीय घटना ने ‘रंग’ में थोड़ा बदलाव कर दिया है। साल के पहले चंद्र ग्रहण के कारण रंगों की होली आज (मंगलवार) नहीं, बल्कि कल यानी बुधवार (4 मार्च) को खेली जाएगी।
गली-मोहल्लों में गूँजे फागुनी गीत, देर रात तक चला होलिका दहन
सोमवार की रात भागलपुर के खलीफाबाग चौक, मंदरोजा, आदमपुर, चुनिहारी टोला, लहेरीटोला और नया बाजार जैसे प्रमुख इलाकों में सामूहिक रूप से होलिका दहन किया गया।
- ग्रामीण उत्साह: मिरजानहाट के शीतला स्थान और इशाकचक सहित ग्रामीण इलाकों में भी लकड़ी और उपले एकत्रित कर पारंपरिक विधि से पूजन हुआ।
- अनुष्ठान: लोगों ने होलिका की परिक्रमा की और नई फसल (जौ-गेहूं की बालियों) को अग्नि में अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
आज चंद्र ग्रहण: सुबह से ही सूतक, मंदिरों के पट बंद
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार मिश्र के अनुसार, मंगलवार को लगने वाला चंद्र ग्रहण होली के कार्यक्रमों को प्रभावित कर रहा है।
- सूतक काल: मंगलवार सुबह 8:50 बजे से ही सूतक प्रभावी हो गया है।
- ग्रहण का समय: ग्रहण शाम 5:50 बजे से शुरू होकर 6:46 बजे तक रहेगा।
- मंदिरों की स्थिति: सूतक के कारण सुबह 8:50 बजे से ही मंदिरों के पट बंद कर दिए गए हैं, जो ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण कर शाम 7:00 बजे के बाद ही खुलेंगे। इसी धार्मिक कारण से रंगों वाली होली अब बुधवार को मनाई जाएगी।
बाजारों में रौनक: ‘अंड़ी के डंडे’ और बालियों की डिमांड
होली पूजन सामग्री के लिए भागलपुर के बाजारों में सुबह से ही भीड़ देखी गई। महंगाई के बावजूद उत्साह में कमी नहीं थी:
- दाम: अंड़ी का डंडा 20-25 रुपये प्रति पीस बिका, जबकि जौ-गेहूं की बालियां 10 रुपये में तीन की दर से बिकीं।
- विशेष पूजा: मारवाड़ी समाज की महिलाओं (रजनी बुधिया, सुनीता दलानिया और रिचा जैन) ने बताया कि समाज में ‘ठंडी होली’ पूजन का विशेष महत्व है। अक्षत, रोली और हलवे के भोग के साथ पूजा की गई।
गणगौर पूजा का आगाज: 18 दिनों तक चलेगा उत्सव
होलिका दहन के साथ ही मारवाड़ी समाज की महिलाओं और नवविवाहिताओं के लिए 18 दिवसीय गणगौर पूजा की शुरुआत हो गई है। शरद सालारपुरिया ने बताया कि यह पर्व सामाजिक जुड़ाव का बड़ा माध्यम है। अगले दो हफ्तों तक शहर में ईसर-गणगौर के गीत और पारंपरिक अनुष्ठान दिखाई देंगे।
VOB का नजरिया: आस्था और विज्ञान का मेल
भागलपुर की होली इस बार आस्था और खगोल विज्ञान के अनूठे संगम की गवाह बन रही है। चंद्र ग्रहण के कारण भले ही रंगों का इंतजार एक दिन बढ़ गया हो, लेकिन इससे लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि ग्रहण के सूतक काल के नियमों का पालन करें और बुधवार को सुरक्षित व प्रेमपूर्ण होली मनाएं।


