हीरो मेंस एशिया कप राजगीर 2025 में जापान के खिलाफ मैच के दौरान हासिल की उपलब्धि
राजगीर, 31 अगस्त 2025।भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी गोलकीपर कृष्णन बी पाठक ने अपने करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया है। 28 वर्षीय पाठक ने रविवार को बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में चल रहे हीरो मेंस एशिया कप राजगीर 2025 में जापान के खिलाफ खेले गए मैच में भारत का 150वीं बार प्रतिनिधित्व किया। इस खास उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
टीम इंडिया का अभियान और पाठक की भूमिका
भारत ने टूर्नामेंट का आगाज चीन पर 4-3 की रोमांचक जीत के साथ किया था। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक और जुगराज सिंह के गोल ने टीम को मजबूत शुरुआत दी। गोलपोस्ट पर पाठक की मौजूदगी भारत की डिफेंस को और मजबूत बनाती है।
पाठक अपनी फुर्ती और शानदार बचाव के लिए लंबे समय से टीम के भरोसेमंद स्तंभ बने हुए हैं।
करियर की शुरुआत और बड़ी सफलताएँ
कृष्णन बी पाठक मूल रूप से पंजाब के कपूरथला के रहने वाले हैं। उन्होंने पहली बार सुर्खियां 2016 में तब बटोरीं, जब वे लखनऊ में आयोजित एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने। जनवरी 2018 में उन्होंने जापान के खिलाफ फोर-नेशंस टूर्नामेंट में सीनियर टीम से डेब्यू किया।
इसके बाद से वे कई ऐतिहासिक जीतों में अहम योगदान देते रहे—
- 2018 एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी (संयुक्त विजेता)
- 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक
- 2023 और 2024 की लगातार एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी
पुरस्कार और सम्मान
पाठक के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी सराहना मिली है।
- 2019 और 2022 में उन्हें हॉकी इंडिया बलजीत सिंह अवार्ड फॉर गोलकीपर ऑफ द ईयर मिला।
- 2024 में उन्हें देश का प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड भी प्रदान किया गया।
एफआईएच प्रो लीग (2020/21 और 2021/22) में उनके योगदान से भारत ने पोडियम फिनिश हासिल किया। वहीं, 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने रजत पदक जीतने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाठक की प्रतिक्रिया
अपने इस माइलस्टोन पर पाठक ने कहा—
“यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद खास पल है। भारत का 150 बार प्रतिनिधित्व करना एक सपना था, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हर मैच मेरे लिए गर्व का विषय होता है, लेकिन यह माइलस्टोन खास है क्योंकि यह इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के दौरान आया है। मैं अपने कोचों, साथियों और हॉकी इंडिया का आभारी हूं। मेरा फोकस अब टीम की सफलता में योगदान देने और अगली पीढ़ी के गोलकीपरों को प्रेरित करने पर है।”
हॉकी इंडिया की शुभकामनाएँ
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा—
“कृष्णन हाल के वर्षों में भारतीय हॉकी के स्तंभों में से एक रहे हैं। गोलकीपिंग एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्होंने हर बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन किया है। 2016 जूनियर वर्ल्ड कप से लेकर भारत के पहले-पसंद गोलकीपर बनने तक उनकी यात्रा प्रेरणादायी है। हॉकी इंडिया की ओर से मैं उन्हें 150 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने पर बधाई देता हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता हूँ।”
हॉकी इंडिया के महासचिव श्री भोला नाथ सिंह ने भी कहा—
“हम कृष्णन की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने खेल के प्रति असाधारण समर्पण और धैर्य दिखाया है। उनके प्रदर्शन ने भारत की सफलताओं में अहम योगदान दिया है और वे लगातार युवा खिलाड़ियों के लिए आदर्श बने हुए हैं। 150 मैच पूरा करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी में उनके योगदान का भी प्रमाण है।”


