पटना, 8 जुलाई।बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना ने प्रदेश के लाखों बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले से 1 करोड़ 09 लाख 69 हजार 255 लाभार्थियों को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी।
सरकार का यह कदम आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान के साथ जीने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है। पेंशन की यह बढ़ी हुई राशि 10 जुलाई से लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
बढ़ी हुई पेंशन से बदली ज़िंदगियाँ, लाभार्थियों की जुबानी
इस फैसले के बाद लाभार्थियों ने न केवल खुशी जाहिर की है, बल्कि इसे अपनी ज़िंदगी में “सम्मान और राहत की शुरुआत” बताया है।
- नवल किशोर सिंह (मोकामा, पटना):
“अब हमें अपने खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ये सरकार की बहुत बड़ी राहत है।” - हरेराम शर्मा (लखीसराय):
“बुजुर्गों के लिए इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है? अब सम्मान से जी पाएंगे।” - सुरेश (दिव्यांग, काको, जहानाबाद):
“400 रुपये से मुश्किल होती थी, अब 1100 रुपये मिलने से हम रोज़मर्रा की जरूरतें आसानी से पूरी कर सकेंगे।” - राहुल (दिव्यांग, पटना):
“यह सिर्फ पेंशन नहीं, हमारे लिए आत्मनिर्भरता की शुरुआत है। अब ज़िंदगी थोड़ी आसान लगेगी।” - माधवी (विधवा, पटना सिटी):
“महिलाओं के लिए यह फैसला किसी वरदान से कम नहीं है। अब हम महंगाई में भी थोड़ा चैन से जी पाएंगे।”
जनकल्याण की दिशा में बड़ी पहल
बढ़ी हुई पेंशन राशि सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह पहल व्यापक रूप से सामाजिक न्याय और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मजबूत करती है।
राज्य सरकार के इस निर्णय की सभी वर्गों में सराहना हो रही है, खासकर उन लोगों में, जो अब तक नाममात्र की सहायता से अपना जीवन किसी तरह चला रहे थे। अब उन्हें सरकार की ओर से ठोस समर्थन मिला है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में:
- पुरानी पेंशन राशि: ₹400
- नई पेंशन राशि: ₹1100 प्रति माह
- लाभार्थियों की संख्या: 1,09,69,255
- आरंभ तिथि: 10 जुलाई 2025 से बढ़ी राशि का भुगतान
- लाभार्थी वर्ग: वृद्धजन, दिव्यांगजन, विधवा महिलाएं
इस योजना के माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि “सबका साथ, सबका विकास” केवल नारा नहीं, बल्कि एक जमीनी हकीकत है जिसे राज्य में लगातार क्रियान्वित किया जा रहा है।


