एलपीजी सब्सिडी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार: सरकार ने खत्म किए 4 करोड़ फर्जी कनेक्शन, पारदर्शिता और सुविधा की नई मिसाल

नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025: देश में एलपीजी वितरण और सब्सिडी ट्रांसफर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सटीक और जनहितैषी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि PAHAL (DBTL) योजना और आधार प्रमाणीकरण के जरिये अब तक 4.08 करोड़ फर्जी, डुप्लीकेट और निष्क्रिय एलपीजी कनेक्शन को नष्ट किया जा चुका है। इससे न सिर्फ सरकारी राजस्व की बचत हुई है, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी का सीधा लाभ भी सुनिश्चित हुआ है।

सब्सिडी अब सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में

PAHAL योजना के तहत अब सभी घरेलू गैस सिलेंडर बाजार दर पर दिए जाते हैं और उपयुक्त सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। जैसे ही उपभोक्ता गैस रिफिल की बुकिंग करता है, उसे SMS के माध्यम से बुकिंग, कैश मेमो और डिलीवरी की स्थिति की जानकारी दी जाती है। साथ ही डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) की व्यवस्था से डिलीवरी की पुष्टि भी उपभोक्ता से कराई जाती है।

आधार आधारित प्रमाणीकरण से हुआ बड़ा सुधार

श्री पुरी ने बताया कि LPG वितरण में आधार प्रमाणीकरण से लाभार्थियों की सटीक पहचान, डुप्लीकेशन रोकथाम, और समय पर सब्सिडी ट्रांसफर में भारी मदद मिली है। वर्तमान में, कुल 33.05 करोड़ सक्रिय उपभोक्ताओं में से 92.44% का आधार डाटा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के पास उपलब्ध है। वहीं, PMUY और PAHAL योजना के अधिकांश लाभार्थियों का बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण भी पूरा किया जा चुका है।

गड़बड़ियों पर लगाम: हजारों निष्क्रिय कनेक्शन समाप्त

सरकार की सतर्कता और निगरानी से 8.49 लाख पीएमयूवाई (PMUY) कनेक्शन और 12,000 निष्क्रिय उपभोक्ताओं को SOP के तहत हटा दिया गया है। साथ ही कॉमन एलपीजी डाटाबेस प्लेटफॉर्म (CLDP) के ज़रिए उपभोक्ताओं की डुप्लीकेशन को हटाने में भी सफलता मिली है।

तेजी से हो रहा ट्रांजैक्शन, कम हुई शिकायतें

मंत्री के अनुसार, 2024-25 में कुल 194 करोड़ गैस रिफिल डिलीवर किए गए, जिनमें से केवल 0.08% शिकायतें आईं — वह भी ज्यादातर सब्सिडी ट्रांसफर या डिलीवरी विलंब से जुड़ी थीं। यह दर्शाता है कि LPG वितरण प्रणाली बेहद प्रभावी और उपभोक्ता अनुकूल बन चुकी है।

सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली

सरकार ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं:

  • टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-2333-555
  • ऑयल कंपनियों की वेबसाइट्स और मोबाइल एप्स
  • CPGRAMS पोर्टल, WhatsApp, MoPNGeSEVA, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स
  • डायरेक्ट डीलर ऑफिस में शिकायत दर्ज करने की सुविधा

LPG सुरक्षा व जागरूकता को भी बढ़ावा

श्री पुरी ने बताया कि सरकार द्वारा LPG सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषाओं में प्रचार, मीडिया अभियान, और ग्रामीण क्षेत्रों में सीधी पहुंच जैसे उपाय किए जा रहे हैं।


एलपीजी वितरण में हुए इस ऐतिहासिक सुधार से स्पष्ट है कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार के जरिये जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सब्सिडी व्यवस्था में सुधार से न केवल गरीब और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है, बल्कि वित्तीय अपवंचन पर भी रोक लग रही है। आने वाले समय में यह प्रणाली देश के डिजिटल और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगी।


 

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