अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: पीएम मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया, बोले – “सदियों का संकल्प आज सिद्धि में बदल गया”

अयोध्या: अयोध्या धाम सोमवार को इतिहास के सबसे स्मरणीय पलों में से एक का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया। इस मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। धर्मध्वज फहराए जाने का यह क्षण मंदिर निर्माण की पूर्णता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

सुबह से शाम तक पीएम मोदी का विशेष आध्यात्मिक दौरा

प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे, जहाँ से वे हेलीकॉप्टर द्वारा साकेत महाविद्यालय पहुँचे। इसके बाद सड़क मार्ग से भव्य रोड शो करते हुए वे सप्त मंदिर और फिर राम मंदिर पहुँचे। गर्भगृह एवं पहले तल पर विराजमान राम दरबार में पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 12 बजे धर्मध्वज आरोहण संपन्न हुआ।

“यह ध्वज सदियों के सपनों का साकार स्वरूप” – पीएम मोदी

धर्मध्वज पताका फहराने के बाद पीएम मोदी ने भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा—

“आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। पांच सौ वर्षों से प्रज्ज्वलित यज्ञ की आज पूर्णाहूति है। यह धर्मध्वज संघर्ष, साधना, संकल्प और सिद्धि की भाषा है।”

उन्होंने आगे कहा—

“यह ध्वज रामराज्य की कीर्ति को धारण करेगा। यह संकल्प है कि वचन से बड़ा कुछ नहीं — प्राण जाए, पर वचन न जाए। यह सत्यमेव जयते का उद्घोष है, यह संघर्ष से सृजन तक की अमर गाथा है।”

विवाह पंचमी के अवसर पर आरती कर लिया आशीर्वाद

धर्मध्वज आरोहण से पूर्व प्रधानमंत्री ने विवाह पंचमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम की आरती उतारी और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि आज हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष और अलौकिक आनंद है।

“राम मंदिर भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है” — मोदी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या के दर्शन स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा—

“यहाँ जटायु और गिलहरी की मूर्तियाँ हमें बताती हैं कि महान संकल्पों की सिद्धि में छोटा से छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है। यहाँ माता अहिल्या से लेकर तुलसीदास, वाल्मीकि और विश्वामित्र तक सभी ऋषियों का आशीर्वाद इस प्रांगण में समाहित है।”

उन्होंने कहा कि अयोध्या आने वाले समय में परंपरा और आधुनिकता का सर्वोत्तम संगम बनेगी:

“सरयू की अमृतधारा और विकास की धारा एक साथ बहेगी। आध्यात्म और एआई दोनों का मेल दिखेगा। त्रेता युग की अयोध्या नीति की दात्री बनी थी, 21वीं सदी की अयोध्या विकास का नया मॉडल बनेगी।”

“जैसा सपना था, उससे भी अधिक शुभकर मंदिर बन गया है” — मोहन भागवत

कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा—

“कितने रामभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए। आज संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है। जैसा सपना देखा था, उससे भी अधिक शुभकर राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है।”

“अयोध्या धाम में विकास के नए दौर की शुरुआत” — योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नए युग का शुभारंभ बताते हुए कहा—

“राम मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और राष्ट्र संकल्प का प्रतीक है। अयोध्या आज आधुनिक सुविधाओं से संपन्न धार्मिक-आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हो चुकी है।”

योगी ने कहा कि अयोध्या में हुए विकास कार्य देश के लिए मॉडल साबित होंगे।

ऐतिहासिक दिन के साथ अयोध्या ने प्रवेश किया नए युग में

राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज आरोहण के साथ—

• मंदिर निर्माण पूर्णता के चरण में पहुँचा
• अयोध्या धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित होने की दिशा में आगे बढ़ी
• भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में इस घटना को देखा जा रहा है

लाखों श्रद्धालुओं और करोड़ों रामभक्तों के लिए 25 नवंबर 2025 का यह दिन आने वाली पीढ़ियों के लिए यादगार बन गया है।

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