बिहार कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला: सोन नदी जल विवाद खत्म, 53 साल बाद बिहार–झारखंड में सहमति

पटना। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इस फैसले के साथ ही बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर चला आ रहा 53 साल पुराना विवाद समाप्त हो गया। कैबिनेट ने दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे के समझौते (एमओयू) को मंजूरी दे दी है।

अमित शाह की बैठक में बनी थी सहमति

कैबिनेट सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि यह सहमति पिछले वर्ष 10 जुलाई 2025 को रांची में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक में बनी थी। उस बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार का पक्ष मजबूती से रखा था। अब बिहार कैबिनेट की स्वीकृति के बाद जल्द ही झारखंड के साथ औपचारिक समझौता किया जाएगा।

किसे कितना पानी मिलेगा

अरविंद चौधरी के अनुसार, कुल 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से

  • 5.75 मिलियन एकड़ फीट पानी बिहार को
  • 2 मिलियन एकड़ फीट पानी झारखंड को मिलेगा।

“पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक में वर्षों से लंबित सोन नदी जल बंटवारे पर सहमति बनी थी। मंगलवार को बिहार कैबिनेट ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।”
— अरविंद चौधरी, अपर मुख्य सचिव, कैबिनेट

1973 के समझौते से जुड़ा है मामला

उन्होंने बताया कि वर्ष 1973 में बाणसागर समझौते के तहत अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल आवंटित किया गया था। वर्ष 2000 में राज्य विभाजन के बाद झारखंड लगातार जल बंटवारे की मांग करता रहा। इसी विवाद के कारण इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पर सहमति नहीं बन पा रही थी।

इंद्रपुरी जलाशय परियोजना का रास्ता साफ

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। इससे
भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिलों में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।

43 एजेंडों पर लगी मुहर

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में कुल 43 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा फरवरी में प्रस्तावित बिहार विधानसभा के बजट सत्र पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार बजट सत्र 2 फरवरी से 27 फरवरी तक चल सकता है, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

नौकरी और उद्योग से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने रोजगार सृजन से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए—

  • कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली को स्वीकृति
  • डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली
  • शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशालय में 9 नए पदों का सृजन
  • रोहतास में 107.32 करोड़ रुपये की लागत से सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना
  • डालमिया सीमेंट लिमिटेड, बंजारी (रोहतास) के विस्तार से 594 कुशल व अर्धकुशल रोजगार

 

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