
भागलपुर, 14 सितंबर 2025।हिंदी दिवस के अवसर पर रविवार को भागलपुर प्रमंडल आयुक्त कार्यालय के सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुक्त श्री हिमांशु कुमार राय ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि “हिंदी के विकास के लिए किसी भाषा का विरोध करने की जरूरत नहीं है। हमें हिंदी को अधिक से अधिक प्रयोग में लाना चाहिए, साथ ही अन्य भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए। यदि हिंदी हमारी मां है तो अंग्रेजी हमारी मौसी है।”
🔹 हिंदी का इतिहास और महत्व
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने हिंदी भाषा के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि
- सल्तनत और मुगल काल के दौरान सेना मुख्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों के भाषाई मेल से हिंदवी का विकास हुआ।
- हिंदी मुख्य रूप से मेरठ क्षेत्र से विकसित हुई और धीरे-धीरे इसमें उर्दू व स्थानीय बोलियों का समावेश होता गया।
- आज हिंदी को अफगानिस्तान और ईरान तक समझा जाता है क्योंकि इसमें फारसी और उर्दू के शब्दों का भी प्रभाव है।
उन्होंने यह भी बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था और तब से हिंदी दिवस का आयोजन हर वर्ष किया जा रहा है।
🔹 हिंदी फिल्मों और साहित्य का योगदान
आयुक्त ने कहा कि हिंदी फिल्मों ने भी भाषा के प्रसार में बड़ी भूमिका निभाई है। विदेशों में कई लोग अमिताभ बच्चन के संवाद सुनकर हिंदी सीख गए। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले 50 वर्षों में अंग्रेजी का तेजी से विकास हुआ है जबकि हिंदी साहित्य में रोचक और अद्भुत रचनाओं की कमी महसूस हो रही है।
🔹 डिजिटल युग और हिंदी की चुनौती
उन्होंने कहा कि आज का डिजिटल युग अंग्रेजी पर आधारित है, लेकिन हमें हिंदी को भी विज्ञान, चिकित्सा और अभियंत्रण जैसे क्षेत्रों में लागू करना होगा। तभी हिंदी वास्तव में राष्ट्रभाषा बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
🔹 अन्य वक्ताओं के विचार
- क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी श्री अनिल कुमार राय ने कहा कि हिंदी दिलों को जोड़ने वाली भाषा है। विदेश में हिंदी सुनकर अपना भाई मिलने का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग की किताबों में भी होना चाहिए।
- अवर सचिव श्री रघुवीर मंडल ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे हमारी सांस्कृतिक धरोहर बताया।
- संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने हिंदी साहित्य के इतिहास और इसके क्रमिक विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “हिंदी को सशक्त बनाने के लिए विज्ञान और चिकित्सा विषयक पुस्तकों का लेखन भी हिंदी में होना चाहिए।”
🔹 कार्यक्रम में उपस्थित लोग
इस अवसर पर आयुक्त के सचिव विनोद कुमार सिंह, आयुक्त कार्यालय के विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता ने किया।


