मोतिहारी में हाईटेक देह व्यापार का भंडाफोड़: व्हाट्सएप पर फोटो और QR कोड से ‘डिजिटल’ सौदा; टीवी शो देखकर मास्टरमाइंड ने बुना था नेटवर्क

मोतिहारी | 26 फरवरी, 2026: बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने तकनीक के सहारे चल रहे एक बड़े और संगठित देह व्यापार गिरोह की कमर तोड़ दी है। एएसपी हेमंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने बरियारपुर इलाके में छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है。 छतौनी क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसने इलाके के सफेदपोश अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है。

डिजिटल मोडस ऑपेरंडी: व्हाट्सएप और QR कोड का खेल

​पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह किसी पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि पूरी तरह ‘हाईटेक’ तरीके से संचालित हो रहा था:

  • कैटलॉग और चैटिंग: ग्राहकों को व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं。
  • कैशलेस पेमेंट: पुलिस की नजरों से बचने और सबूत न छोड़ने के लिए गिरोह भुगतान हेतु क्यूआर कोड (QR Code) का इस्तेमाल करता था。
  • सुरक्षित ठिकाने: पुलिस को चकमा देने के लिए महिलाओं को एक जगह रखने के बजाय अलग-अलग ‘सेफ हाउस’ में रखा जाता था और सौदा पक्का होने पर ही उन्हें तय स्थान पर भेजा जाता था。

टीवी शो से मिली ‘अपराध की प्रेरणा’

​गिरोह के मुख्य सरगना नंदलाल ने पूछताछ में कबूला कि वह पिछले 7-8 महीनों से यह धंधा चला रहा था。

  1. क्राइम शो का असर: नंदलाल ने बताया कि उसने सुरक्षा के ये तमाम पैंतरे और पुलिस से बचने के तरीके एक लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम से सीखे थे。
  2. इंटरस्टेट कनेक्शन: आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि मांग बढ़ने पर वह दिल्ली जैसे बड़े शहरों से भी महिलाओं को देह व्यापार के लिए मोतिहारी बुलाता था。

पुलिस का मास्टरस्ट्रोक: ‘ग्राहक’ बनकर बिछाया जाल

​इस शातिर गिरोह को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एएसपी हेमंत सिंह ने एक सुनियोजित जाल बिछाया:

  • डमी कस्टमर: पुलिस टीम के एक सिपाही को फर्जी ग्राहक बनाकर नंदलाल के पास भेजा गया。
  • दबिश: जैसे ही सौदा पक्का हुआ और महिलाओं को भेजने की तैयारी हुई, घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने हमला बोल दिया。
  • बरामदगी: मौके से मोबाइल फोन और कई अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई हैं。

टीम के जांबाज अधिकारी

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में ये अधिकारी शामिल थे:

  • एएसपी: हेमंत सिंह
  • प्रशिक्षण डीएसपी: कुमारी प्रियंका
  • पुलिस निरीक्षक: मृत्युंजय कुमार पासवान
  • अपर थानाध्यक्ष: श्रीकांत
  • ​महिला पुलिसकर्मियों की विशेष टीम

VOB का नजरिया: डिजिटल सुरक्षा बनाम डिजिटल अपराध

​मोतिहारी की यह घटना चेतावनी है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल ढाल की तरह कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस की यह कार्रवाई साबित करती है कि ‘हाईटेक’ अपराधी चाहे कितनी भी डिजिटल चतुराई दिखा ले, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। दिल्ली जैसे महानगरों से जुड़े इस नेटवर्क के और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

  • Related Posts

    मुजफ्फरनगर में सनसनीखेज मामला: डॉक्टर पर युवती से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप, 14 महीने तक शोषण की शिकायत

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    राज्यसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में फूट, तेजस्वी यादव पर भड़के पप्पू यादव

    Share Add as a preferred…

    Continue reading