
पटना।राज्यपाल सचिवालय के आदेशों की दो वर्षों तक अवहेलना करने पर पटना हाईकोर्ट ने मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति के वेतन पर रोक लगा दी है। अदालत ने यह सख्त कदम आदेशों के पालन में लापरवाही पर उठाया है।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश ब्रजेन्द्र नारायण दास द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिव प्रताप ने कोर्ट को बताया कि
23 मार्च 2023 को राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट आदेश दिया था कि—
- महंगाई भत्ता (DA)
- मकान किराया भत्ता (HRA)
- नगर प्रतिकर भत्ता (CCA)
- परिवहन भत्ता
- चिकित्सा भत्ता
का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद इन निर्देशों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट की सख्ती
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति के वेतन उठाव पर तत्काल रोक लगा दी।
कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि
संवैधानिक पदों से जुड़े आदेशों की अवहेलना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
अब आगे क्या?
मामले में अगली सुनवाई पर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा जा सकता है।
यदि आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो और कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष:
हाईकोर्ट के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि
राजभवन और अदालत के आदेशों को नजरअंदाज करना अब महंगा पड़ेगा।


