पटना, 8 जुलाई — बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग ने मई 2025 में अपेक्षाकृत कम राजस्व संग्रहण पर चिंता जताई है। विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि मई 2024 की तुलना में मई 2025 में खनिज राजस्व संग्रहण में 35.01 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट को देखते हुए उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जिलों के खनन पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।
मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि, “सस्ती चीजों से अब काम नहीं चलेगा। राजस्व संग्रहण में तेजी लानी ही होगी।” उन्होंने निर्देश दिया कि पहली तिमाही के निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए।
कम प्रदर्शन करने वाले जिलों पर कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में बताया गया कि कई जिलों ने खनिज राजस्व संग्रहण में अत्यंत खराब प्रदर्शन किया है। अगर आगामी बैठक से पहले सुधार नहीं हुआ, तो राजस्व में सबसे पीछे रहने वाले पांच जिलों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
कम राजस्व देने वाले जिले:
पटना, गोपालगंज, नवादा, सीतामढ़ी, दरभंगा, जहानाबाद, मोतिहारी, बांका, सुपौल, अरवल, नालंदा, गया, मधुबनी, अररिया, भागलपुर, मुंगेर, कटिहार, बक्सर, रोहतास, शेखपुरा, जमुई, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सारण जैसे जिले शामिल हैं।
मंत्री का स्पष्ट संदेश:
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि खनन विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हुए तो विभागीय कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि खनन से राज्य के राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी होती है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


