मायागंज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई: CT स्कैन सेवा ठप, 1500 से अधिक टीबी सैंपल जांच के इंतजार में

भागलपुर, 21 जुलाई — भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। रविवार को रेडियोलॉजी विभाग में सीटी स्कैन की सुविधा पूरी तरह बंद रही, जिससे इमरजेंसी और इंडोर वार्ड के मरीजों को खासा परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी ओर, अस्पताल परिसर स्थित कल्चर एंड डीएसटी लैब में टीबी के 1500 से अधिक सैंपल बिना जांच के पड़े हैं।

CT स्कैन नहीं हुआ, मरीजों को जाना पड़ा निजी केंद्र

रविवार को मायागंज अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक भी मरीज का सीटी स्कैन नहीं हो सका। इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती दर्जनों मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ा। इस तकनीकी संकट का मुख्य कारण सीटी स्कैन प्लेट की अनुपलब्धता बताया गया है।

रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सचिन कुमार सिंह ने बताया,

“स्थानीय स्तर पर भी प्लेट की खरीददारी के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। यदि सोमवार तक बीएमएसआईसीएल से आपूर्ति नहीं होती है, तो खरीदी गई प्लेट से जांच कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”

टीबी लैब में सैंपल जमा, जांच के लिए स्टाफ नहीं

मायागंज अस्पताल परिसर स्थित कल्चर एंड डीएसटी लैब में टीबी के डेढ़ हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए जमा हैं, लेकिन अब तक एक भी जांच नहीं हो सकी है। इसके पीछे लैब टेक्नीशियन और माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट की तैनाती न होना मुख्य वजह है।

माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार ने जानकारी दी कि उन्होंने कई बार राज्य टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के अधीन पदाधिकारियों को पत्र लिखकर स्टाफ की तैनाती की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रशासनिक अस्पष्टता बनी बाधा

अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने कहा,

“कल्चर एंड डीएसटी लैब के संचालन का दायित्व मेडिकल कॉलेज प्रशासन का है, जबकि स्टाफ की नियुक्ति का जिम्मा जिला और राज्य टीबी विभाग का है।”

अस्पताल प्रशासन और टीबी विभाग के बीच उत्तरदायित्व के बंटवारे में अस्पष्टता के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि मायागंज जैसे प्रमुख अस्पताल में इस तरह की व्यवस्थागत लापरवाही से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल खड़े होते हैं। मरीजों को न केवल आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने से जीवन भी संकट में पड़ सकता है।


भागलपुर और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए मायागंज अस्पताल एकमात्र बड़ी सरकारी चिकित्सा सुविधा है। ऐसे में, वहां बुनियादी सेवाओं का ठप होना गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग को त्वरित कार्रवाई करते हुए सुविधाओं को सामान्य करना चाहिए।


 

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