हाजीपुर में हाईटेक लूट से सनसनी, केमिकल का इस्तेमाल कर कार रुकवाई, करोड़ों के गहने और लाखों की नकदी लेकर फरार हुए बदमाश

हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर शहर में लुटेरों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसने पुलिस और आम लोगों दोनों को हैरान कर दिया है। अपराधियों ने बेहद सुनियोजित और शातिर तरीके से एक लग्जरी कार को निशाना बनाया और कथित तौर पर केमिकल का इस्तेमाल कर वाहन को रुकवाने के बाद करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषण तथा लाखों रुपये नकद से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

यह घटना वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड स्थित रेल कोच रेस्टोरेंट के पास की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार अपराधियों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया और कुछ ही मिनटों में लाखों-करोड़ों की संपत्ति लेकर फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआ निवासी सपना कुमारी, जो किन्नर समाज से जुड़ी बताई जा रही हैं, अपने चालक सौरभ कुमार के साथ महिंद्रा एक्सयूवी-700 वाहन से हाजीपुर से महुआ लौट रही थीं। बताया जा रहा है कि रात लगभग साढ़े आठ बजे जब उनकी गाड़ी स्टेशन रोड इलाके से गुजर रही थी, उसी दौरान बदमाशों ने अपनी योजना को अंजाम दिया।

पीड़िता के अनुसार कार चल रही थी तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने वाहन के रेडिएटर की ओर कोई संदिग्ध रासायनिक पदार्थ फेंक दिया। इसके कुछ ही क्षण बाद एक अन्य व्यक्ति ने गाड़ी के पास आकर चालक को इशारा करते हुए कहा कि वाहन से धुआं निकल रहा है। अचानक मिली इस सूचना से चालक और वाहन में सवार लोग घबरा गए।

बताया जा रहा है कि वाहन कुछ मीटर आगे बढ़ने के बाद रोका गया। उस समय कार के आसपास धुएं जैसी स्थिति और तेज गंध महसूस की गई। इससे वाहन में बैठे लोगों को आशंका हुई कि कहीं वाहन में तकनीकी खराबी या आग लगने जैसी स्थिति न हो। चालक और कार में मौजूद महिला दोनों वाहन से नीचे उतरकर समस्या की जांच करने लगे।

यही वह क्षण था जिसका इंतजार अपराधी कर रहे थे। जब चालक और पीड़िता वाहन की स्थिति देखने में व्यस्त थे, तब बदमाशों ने कार के अंदर रखे बैग पर हाथ साफ कर दिया। बताया जा रहा है कि बैग वाहन की बीच वाली सीट पर रखा हुआ था। कुछ ही मिनटों के भीतर अपराधी बैग लेकर मौके से फरार हो गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

जब वाहन की जांच के बाद पीड़ित पक्ष वापस कार में बैठा और आगे बढ़ा तो कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद बैग की तलाश की गई। तभी पता चला कि बैग गायब है। इसके बाद आसपास के इलाके में काफी खोजबीन की गई, लेकिन बैग का कोई पता नहीं चल सका।

पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार चोरी हुए बैग में लगभग 700 ग्राम सोने के आभूषण, 800 ग्राम चांदी के जेवर और 8 लाख 75 हजार रुपये नकद रखे हुए थे। यदि इन आभूषणों और नकदी का वर्तमान बाजार मूल्य जोड़ा जाए तो कुल नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

घटना सामने आने के बाद पीड़िता ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पूरी घटना का उल्लेख करते हुए अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया। जांच टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगालने शुरू कर दिए। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों ने वारदात को कैसे अंजाम दिया और घटना में कितने लोग शामिल थे।

प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि अपराधियों ने पहले से रेकी कर रखी थी और उन्हें इस बात की जानकारी थी कि वाहन में कीमती सामान रखा हुआ है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर एसडीपीओ-01 सुबोध कुमार ने बताया कि रात लगभग साढ़े आठ बजे घटना की सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार पीड़िता हाजीपुर आई हुई थीं और वापस लौटने के दौरान स्टेशन क्षेत्र के पास अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रुकवाई। अपराधियों ने वाहन से धुआं निकलने की बात कहकर चालक और वाहन सवार लोगों को नीचे उतरने पर मजबूर किया।

एसडीपीओ ने बताया कि जब लोग वाहन की जांच कर रहे थे, उसी दौरान कार में रखा बैग चोरी कर लिया गया। पीड़िता की ओर से दिए गए आवेदन में बैग के भीतर लगभग 700 ग्राम सोने के आभूषण और 8 लाख 75 हजार रुपये नकद होने की बात कही गई है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस ने पूछताछ के लिए दो से तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह वारदात सामान्य चोरी या लूट से अलग प्रतीत होती है। जिस तरह से वाहन को रुकवाने के लिए कथित तौर पर केमिकल और भ्रम की स्थिति का उपयोग किया गया, उससे यह संकेत मिलता है कि अपराधियों ने पहले से योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया हो सकता है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि अपराधियों द्वारा अपनाया गया तरीका बेहद खतरनाक और नया है। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है कि वाहन को रुकवाने के लिए केमिकल का उपयोग किया गया था, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जाएगा।

फिलहाल पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

हाजीपुर में हुई इस हाईटेक लूट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपराधी अब वारदातों को अंजाम देने के लिए लगातार नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों और आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं पुलिस पर इस चर्चित मामले के जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया है और अब सभी की नजर जांच के अगले चरण पर टिकी हुई है।

  • ये भी पढ़े..

    असम विमान हादसे में भोजपुर का लाल दानिश आलम शहीद, इकलौते बेटे की शहादत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    Share Add as a preferred…

    नागौद राजघराने के गोलीकांड में नया विवाद, आरोपी सुनीता सिंह का कथित वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल

    Share Add as a preferred…