गुरु-शिष्य की मर्यादा तार-तार! ट्यूशन की आड़ में नाबालिग छात्रा से ‘हैवानियत’; शादी का झांसा देकर टीचर ने किया यौन शोषण, आरोपी फरार

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • भरोसे का कत्ल: पटना में ट्यूशन टीचर ने अपनी ही नाबालिग छात्रा को बनाया हवस का शिकार।
  • साजिश: शादी का झूठा झांसा देकर लंबे समय तक किया यौन शोषण।
  • पुलिसिया कार्रवाई: आरोपी शिक्षक पुनेश कुमार पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत FIR दर्ज।
  • फरार: पुलिस की कई टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दे रही हैं दबिश।

पटना: राजधानी पटना से एक ऐसी शर्मनाक घटना सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक तरफ जहाँ माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षकों पर आँख मूंदकर भरोसा करते हैं, वहीं पटना के एक निजी शिक्षक ने इस भरोसे की धज्जियां उड़ा दीं। ट्यूशन पढ़ाने की आड़ में आरोपी शिक्षक ने अपनी ही नाबालिग छात्रा का मानसिक और शारीरिक शोषण किया।

विश्वास का फायदा और ‘हैवानियत’ का खेल

​पीड़िता के परिजनों के अनुसार, आरोपी पुनेश कुमार को घर में एक शिक्षक के तौर पर पूरा मान-सम्मान दिया जाता था।

  • मोडस ऑपरेंडी: आरोपी ने छात्रा को पहले अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर शादी का झूठा वादा कर उसके साथ जबरन संबंध बनाए।
  • खामोशी और डर: आरोपी लंबे समय तक छात्रा को डरा-धमका कर उसका शोषण करता रहा।
  • खुलासा: जब छात्रा ने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती अपने माता-पिता को सुनाई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना के बाद से ही इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

पुलिस का शिकंजा: “बख्शा नहीं जाएगा दोषी”

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस अलर्ट मोड पर है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-2) अमरेंद्र कुमार झा ने मामले की पुष्टि करते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

​”हमने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पुनेश कुमार के विरुद्ध दुष्कर्म और पोक्सो (POCSO) एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल घर छोड़कर फरार है, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और छापेमारी के जरिए उसे जल्द ही दबोच लिया जाएगा।” — अमरेंद्र कुमार झा, SDPO-2

VOB का नजरिया: घर के भीतर भी ‘असुरक्षित’ बेटियां?

​यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर घर के अंदर ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक ही ‘भक्षक’ बन जाए, तो माता-पिता किस पर भरोसा करें? अक्सर ‘शादी का झांसा’ और ‘ब्लैकमेलिंग’ जैसे हथकंडे अपनाकर अपराधी मासूमों का शिकार करते हैं। पुलिस को इस मामले में ‘स्पीडी ट्रायल’ चलाकर ऐसी सजा दिलवानी चाहिए जिससे समाज में एक कड़ा संदेश जाए।

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