गुमला (झारखंड) | 25 फरवरी, 2026: झारखंड के गुमला जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। भरनो थाना क्षेत्र में एक युवती, जो पड़ोसी गांव में शादी की खुशियां मनाकर लौट रही थी, उसे अपने ही गांव के चार युवकों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। विश्वास की डोर को दरिंदगी से काटते हुए इन आरोपियों ने युवती को लिफ्ट देने के बहाने अगवा किया और फिर सुनसान जगह ले जाकर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोमवार देर रात चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
लिफ्ट के बहाने बिछाया जाल: ‘अपने’ ही निकले आस्तीन के सांप
यह पूरी घटना रविवार शाम की है। पीड़िता एक पड़ोसी गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी। जब वह वापस घर लौटने के लिए निकली, तो उसके अपने ही गांव के चार परिचित युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। उन्होंने उसे सुरक्षित घर छोड़ने का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठा लिया। युवती ने अपने ही गांव के लोगों पर भरोसा किया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी सुरक्षा नहीं, बल्कि तबाही की ओर बढ़ रही है।
सुनसान रास्ता और हैवानियत का तांडव
आरोपी युवती को गांव ले जाने के बजाय रास्ते में एक सुनसान और अंधेरे वाली जगह पर ले गए। वहां चारों युवकों ने बारी-बारी से युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को उसी हाल में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता जैसे-तैसे बदहवास हालत में अपने घर पहुँची और परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई। सोमवार को परिजनों के साथ थाने पहुँचकर युवती ने चारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस की ‘मिडनाइट’ कार्रवाई: चारों आरोपी गिरफ्तार
भरनो थाना प्रभारी कंचन प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया।
- छापेमारी: पुलिस की टीम ने सोमवार रात ही संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और चारों नामजद आरोपियों को दबोच लिया।
- पहचान: थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान और पहचान के आधार पर ही इन सभी को गिरफ्तार किया गया है।
- न्यायिक प्रक्रिया: मंगलवार को सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
इलाके में आक्रोश: फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन ग्रामीणों के मन में भारी उबाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अपने ही गांव के लोग रक्षक के बजाय भक्षक बन जाएं, तो बेटियां कहाँ सुरक्षित रहेंगी? ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
VOB का नजरिया: कब तक लिफ्ट के नाम पर लुटती रहेगी आबरू?
गुमला की यह घटना एक बार फिर उस कड़वी हकीकत को बयां करती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। शादी की खुशियां एक पल में मातम और मानसिक सदमे में बदल गईं। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब कानूनी प्रक्रिया की सुस्ती इन दरिंदों को बचाने का मौका न दे।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


