जमुई में अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी लापरवाही, बुलडोजर के बीच जमीन में पैसे ढूंढते दिखे स्कूली बच्चे

जमुई: बिहार के जमुई जिले में बुधवार से सभी 10 प्रखंडों में सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। इस बड़े अभियान के बीच एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। बुलडोजर चलने के दौरान छोटी उम्र के कई स्कूली बच्चे घटनास्थल पर पहुंच गए और जमीन में फेंके हुए सिक्कों की तलाश करने लगे। मौके पर बुलडोजर और भारी मशीनें चल रही थीं, ऐसे में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।

बुलडोजर के बीच बच्चों की मौजूदगी से बढ़ा खतरा

अतिक्रमण हटाने के दौरान जहां झोपड़ियाँ, बांस-बल्ली और अस्थायी ढांचे तोड़े जा रहे थे, उसी दौरान बच्चे कचरे में गिरा पैसा उठाते दिखे। यह नजारा कैमरे में कैद होने के तुरंत बाद ईटीवी भारत की टीम ने वहां मौजूद अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया।

सभी 10 प्रखंडों में एक साथ कार्रवाई

जिले में यह अभियान जमुई मुख्यालय, बरहट, लक्ष्मीपुर, सिकंदरा, झाझा, चकाई, सोनो, अलीगंज, खैरा और गिद्धौर प्रखंड में एक साथ चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने पर 5,000 से 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

प्रशासन का बयान

अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालय में कचहरी चौक से हुई थी। इसका नेतृत्व एसडीओ सौरभ कुमार कर रहे हैं। उन्होंने बताया:
“जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। लोगों को पहले से नोटिस दिया गया था। कई लोगों ने खुद से कब्जा हटा लिया था, जहां नहीं हटाया गया, वहां कार्रवाई जरूरी थी।”

दुकानदारों और अधिकारियों में नोकझोंक

अभियान के दौरान कई स्थानों पर दुकानदारों ने विरोध जताया और अधिकारियों से बहस भी हुई। इसके बावजूद प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए सड़क, फुटपाथ और सरकारी भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाता रहा।

सब्जी विक्रेता जानकी देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा:
“हम सब्जी बेचकर परिवार चलाते हैं, लेकिन दुकान हटा दी गई। पहले व्यवस्था करके हटाना चाहिए था।”

1 सप्ताह पहले से की जा रही थी अपील

अभियान अचानक नहीं चलाया गया था। प्रशासन पिछले एक सप्ताह से माइकिंग कर लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील कर रहा था। कई लोगों ने इस निर्देश का पालन भी किया।

वेंडर जोन बनाने की मांग

छोटे दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए एक स्थायी वेंडर जोन बनाया जाए ताकि आजीविका प्रभावित न हो। जिला प्रशासन ने भी भविष्य में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।

शहर को व्यवस्थित करने की कोशिश

सभी प्रखंडों में एक साथ हुआ यह अभियान अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा गया है। प्रशासन ने सड़कों के चौड़ीकरण, यातायात सुधर और सार्वजनिक स्थानों को मुक्त कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे शहर में लंबे समय तक सुधार दिखेगा।


 

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