- चक्कर लगाना बंद: बिहार में जमीन के पुराने दस्तावेज और रजिस्ट्री पेपर के लिए अब नहीं दौड़ने पड़ेंगे दफ्तर; जून महीने से शुरू होगी ऑनलाइन डाउनलोड की सुविधा।
- कितना लगेगा पैसा?: सरकार ने तय की फीस; ₹600 जमा कर वेबसाइट से निकाल सकेंगे अपनी जमीन का पुराना कागज (केवाला)।
- रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण: 1990 से 2005 तक के 4 करोड़ दस्तावेज स्कैन; अब 1908 से 1990 तक के कागजात अप्रैल तक हो जाएंगे ऑनलाइन।
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना डेस्क)
बिहार में जमीन के कागज निकलवाने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर काटने और महीनों इंतजार करने का झंझट अब खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने भूमि सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुराने दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, इसी साल जून महीने से लोग घर बैठे अपनी जमीन के पुराने दस्तावेज (Old Land Deeds) डाउनलोड कर सकेंगे।
कहां और कैसे मिलेंगे कागज?
निबंधन विभाग (Registration Department) के अनुसार, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए लोगों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://nibandhan.bihar.gov.in पर जाना होगा।
- प्रक्रिया: वेबसाइट पर जाकर एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें खाता नंबर, प्लॉट नंबर और अन्य जानकारियां देनी होंगी।
- फीस: आवेदन के साथ 600 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। फिलहाल इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है।
100 साल पुराने दस्तावेज भी होंगे ऑनलाइन
सरकार का लक्ष्य जमीन से जुड़े हर कागज को डिजिटल करना है।
- 1990-2005: राज्य के 141 रजिस्ट्रेशन ऑफिस में साल 1990 से 2005 तक के करीब 4 करोड़ दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है और उन्हें अपलोड कर दिया गया है।
- 1908-1990: अभी साल 1908 से 1990 तक के पुराने दस्तावेजों की स्कैनिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
2027 तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य
इसके साथ ही, बिहार सरकार ने जमीन सर्वे (Land Survey) का काम 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि नए साल यानी 2026 से बिहार में जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
पहले क्या थी दिक्कत?
अब तक पुराने दस्तावेज या रजिस्ट्री की नकल (Certified Copy) निकालने के लिए लोगों को रजिस्ट्रेशन ऑफिस में आवेदन देना पड़ता था। वहां फाइलों में दस्तावेज खोजने में महीनों लग जाते थे और कई बार कागज मिलते भी नहीं थे। अब ऑनलाइन सुविधा से यह काम मिनटों में हो जाएगा।
यह खबर बिहार के हर जमीन मालिक के लिए राहत भरी है।


