भागलपुर, 25 मार्च 2026: शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल है। ‘भगवा क्रांति’ के तत्वावधान में आयोजित होने वाली भव्य शोभा यात्रा से पहले बुधवार को मारवाड़ी पाठशाला के समीप स्थित कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कन्या पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के संरक्षक कुणाल सिंह ने आगामी शोभा यात्रा को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन पिछले एक दशक से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और हर वर्ष इसकी भव्यता में वृद्धि हो रही है। इस बार का आयोजन विशेष रूप से ऐतिहासिक और आकर्षक बनाने की तैयारी की गई है।
देशभर की झलक दिखेगी यात्रा में
इस वर्ष की शोभा यात्रा में विभिन्न राज्यों से आई टीमें भाग लेंगी, जो अपनी पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को जीवंत बनाएंगी। खास आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ की टीम द्वारा जीवंत सांपों के साथ कला प्रदर्शन, भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा, नासिक बैंड की धुनें, पारंपरिक झांकियों से सजी बैलगाड़ियां और आधुनिक लेज़र लाइट शो शामिल होंगे।
महिलाओं की अहम भूमिका
आयोजकों के अनुसार, इस बार शोभा यात्रा का नेतृत्व हजारों महिलाएं करेंगी, जो भगवा परिधान और ध्वज के साथ यात्रा की शोभा बढ़ाएंगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी मानी जा रही है।
यात्रा का रूट और समय
मीडिया प्रभारी नितेश चौबे ने बताया कि शोभा यात्रा कल शाम 4 बजे घंटाघर चौक से शुरू होगी। यह यात्रा खलीफाबाग चौक, वैरायटी चौक, स्टेशन चौक और पटेल बाबू रोड होते हुए पुनः घंटाघर, आदमपुर चौक से गुजरते हुए बूढ़ानाथ मंदिर में संपन्न होगी।
यात्रा के दौरान घंटाघर चौक और बूढ़ानाथ मंदिर पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
इस आयोजन की खास बात यह भी है कि विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम समाज और अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा निःशुल्क सेवा शिविर लगाए जाएंगे। यह पहल शहर में भाईचारे और आपसी सौहार्द का मजबूत संदेश देगी।
शहरवासियों से अपील
आयोजकों ने सभी राम भक्तों से भगवा गमछा और ध्वज के साथ शोभा यात्रा में शामिल होने की अपील की है। साथ ही शहरवासियों से सपरिवार इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया गया है।
भागलपुर में आयोजित यह शोभा यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का भी अनूठा उदाहरण पेश करेगी।


