
भागलपुर/नवगछिया, 23 मार्च 2026: नवगछिया अनुमंडल में बिहार दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय समारोह का भव्य शुभारंभ उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुआ। अनुमंडल प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई, जिसमें एसडीएम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दीप प्रज्वलन के बाद बिहार गीत की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को देशभक्ति और सांस्कृतिक भावना से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे, जिससे आयोजन का उत्साह और भी बढ़ गया।
रचनात्मकता और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन
समारोह के दौरान विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए, जिनका उद्घाटन फीता काटकर किया गया। इसके साथ ही पेंटिंग, चित्रकला, मूर्ति कला और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इन प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने यह दर्शाया कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और कला के प्रति कितनी सजग और उत्साहित है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्कूलों तक के बच्चों ने नृत्य, संगीत, नाटक और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
“ऐसन अपना बिहार”, “बिहार लोक गाथा”, “घूमर नृत्य” और “कजरी” जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति में बिहार की परंपरा, संस्कृति और लोकजीवन की झलक देखने को मिली।
‘बिहार गौरव गाथा’ बनी कार्यक्रम का केंद्र बिंदु
कार्यक्रम में बाल भारती विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत “बिहार गौरव गाथा” गान-नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रस्तुति में बिहार की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि, वीर शहीदों और महान साहित्यकारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
करीब 30 बच्चों—जिनमें खुशी, फ़िज़ा और आराध्या प्रमुख थीं—ने अपने अभिनय और नृत्य के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुति में तालमेल, भाव-भंगिमा और ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस प्रस्तुति का निर्देशन कथक नृत्य गुरु निभाष मोदी द्वारा किया गया, जिनके कुशल मार्गदर्शन में बच्चों ने मंच पर शानदार प्रदर्शन किया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
संस्कृति को आगे बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। इससे बच्चों में अपनी परंपरा के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना विकसित होती है।
निष्कर्ष
नवगछिया में बिहार दिवस समारोह का यह भव्य आगाज न केवल सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि यह नई पीढ़ी की प्रतिभा और रचनात्मकता का भी शानदार मंच साबित हुआ।
आने वाले दो दिनों में भी इस समारोह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन की योजना है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहेगा।


