बिहार में “जिलों के समग्र विकास” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

पहले दिन नवाचार, समावेशिता और प्रभावशाली प्रस्तुतियों की झलक

पटना, 11 सितंबर 2025।भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “जिलों के समग्र विकास” पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आज पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में शुभारंभ हुआ।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए 200 से अधिक प्रतिनिधि—जिलाधिकारी, नीति निर्माता, नवाचारकर्ता और संस्थागत प्रमुख—ने भाग लिया।


उद्घाटन सत्र: नेतृत्व और विज़न की झलक

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की।

  • डॉ. सिंह ने बिहार सरकार की डिजिटल गवर्नेंस और शिकायत निवारण की पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा, “जिलाधिकारी भारत की प्रशासनिक रीढ़ हैं, और उनकी सक्रियता से ही योजनाओं का असर नागरिकों तक पहुँचता है।”
  • उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “नए बिहार की परिकल्पना अब हकीकत बन रही है। हमने सड़क निर्माण में बाधाओं को तोड़ा है—अब पटना से गया, दरभंगा और मुज़फ्फरपुर की यात्रा कुछ घंटों में पूरी हो जाती है। यही है तेज़, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार बिहार।”

तकनीकी सत्र: नवाचारों पर गहन विमर्श

  • पहला सत्र (अध्यक्षता: श्री पुनीत यादव, अपर सचिव, DARPG)
    इसमें UIDAI, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की योजनाएँ प्रस्तुत की गईं—जैसे डिजिटल प्रमाणीकरण, साइबर तहसील और GIS आधारित जल संरक्षण।
  • दूसरा सत्र (अध्यक्षता: श्रीमती सरिता चौहान, संयुक्त सचिव, DARPG)
    इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार की नागरिक-केंद्रित पहलों को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि “ज़िला प्रशासन केवल इकाई नहीं, बल्कि शासन की धड़कन है।”

बिहार की नवाचार गाथा

तीसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. बी. राजेन्दर, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग ने की।

  • नालंदा, बेगूसराय और गया के जिलाधिकारियों ने ज़िला स्तर की नवाचारी योजनाओं को साझा किया।
  • डॉ. प्रतिमा (सचिव, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) ने बिहार की शिकायत निवारण प्रणाली पर प्रस्तुति दी।
  • जीविका के सीईओ ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सफलता गाथा साझा की।
  • डॉ. ए.एन. सफेना (आयुक्त, मगध प्रमंडल) ने शासन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया।

डॉ. राजेन्दर ने कहा, “जीविका दीदी से लेकर विधायक बनने तक की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि बिहार की महिलाएँ परिवर्तन की धुरी हैं।” उन्होंने इस परिवर्तन को संभव बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की।


प्रदर्शनी और सांस्कृतिक उत्सव

सम्मेलन स्थल पर बहुविभागीय प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन, कला-संस्कृति, युवा, जीविका और उद्योग विभागों ने अपनी योजनाएँ और हस्तशिल्प प्रदर्शित किए।

  • एक विशेष VR शो के जरिए प्रतिभागियों ने नालंदा विश्वविद्यालय, महाबोधि मंदिर, विक्रमशिला और बिहार म्यूज़ियम जैसे ऐतिहासिक स्थलों की डिजिटल यात्रा का अनुभव लिया।
  • शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें मैथिली ठाकुर की गायकी, शास्त्रीय और लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ तथा विष्णु थापा की बांसुरी वादन ने समां बाँध दिया।

समापन संदेश

पहले दिन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि जिलों की क्षमता और नवाचारों को पहचानकर ही भारत समग्र और समावेशी विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करेगा।


 

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