पटना में ‘ब्राह्मण जोड़ो अभियान’ का भव्य होली मिलन: राजेंद्र तिवारी बोले—”गिले-शिकवे मिटाकर नई ऊर्जा से जुड़ने का पर्व है होली”

पटना | 01 मार्च, 2026: राजधानी पटना में रविवार को रिश्तों की मिठास और रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। ‘ब्राह्मण जोड़ो अभियान’ के बैनर तले अखिल भारतीय बहुभाषीय ब्राह्मण महासंघ द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में समाज के प्रबुद्धजनों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर भाईचारे का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने होली को केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का महासूत्र बताया।

गिले-शिकवे दूर करने का ‘मनभावन’ मौका

​समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्री राजेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में होली के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

​”भारतीय संस्कृति में होली का स्थान अद्वितीय है। यह वह अवसर है जब लोग पुराने मनमुटाव और गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे के रंग में रंग जाते हैं। यहीं से सामाजिक और पारिवारिक संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होता है। होली हमें आपस में जोड़ने का सबसे मनभावन मौका देती है।”

 

दिग्गजों का जमावड़ा: राजनीति से लेकर अध्यात्म तक की मौजूदगी

​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आर. एन. मिश्रा, डॉ. पुरुषोत्तम मिश्रा और बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष संतोष पाठक शामिल हुए। मंच संचालन श्याम कुमार पांडे उर्फ निगम बाबा और मनीष झा ने संयुक्त रूप से किया।

​समारोह में समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें:

  • प्रमुख व्यक्तित्व: अशोक चौबे, अशोक उपाध्याय, विजय मिश्रा बाबा, चतुर्भुज पांडेय, मुरारी तिवारी और बालानंद झा।
  • महिला एवं युवा भागीदारी: जूही झा, अंजनी मिश्रा, राजेश झा, नागेंद्र पांडेय और चंद्र भूषण मिश्रा।
  • संगठनात्मक उपस्थिति: सिद्धनाथ तिवारी, रणविजय पांडेय, कृष्णा पांडेय, विमल त्रिपाठी और अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, ब्राह्मण जोड़ो अभियान)।

VOB का नजरिया: वैचारिक एकता ही समाज की शक्ति

​आज के दौर में जब समाज वैचारिक रूप से बिखरा हुआ नजर आता है, तब ‘अखिल भारतीय बहुभाषीय ब्राह्मण महासंघ’ जैसे संगठनों की यह पहल सराहनीय है। भाषाई विविधता के बावजूद एक ही मंच पर जुटना यह दर्शाता है कि संस्कृति ही वह धागा है जो सबको पिरोकर रख सकता है। जैसा कि राजेंद्र तिवारी जी ने कहा, यह ‘नई ऊर्जा’ ही विकसित समाज की आधारशिला है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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