बिहार दिवस पर उद्योग विभाग के पवेलियन का ‘ग्रैंड फिनाले’; ‘मेड इन बिहार’ ब्रांड ने जीता दिल, सचिव कुंदन कुमार ने कारीगरों और स्टार्टअप्स की थपथपाई पीठ

HIGHLIGHTS: तीन दिवसीय महा-आयोजन का सफल समापन; परंपरा और आधुनिकता के संगम ने दिखाया ‘आत्मनिर्भर बिहार’ का नया चेहरा

  • सफल समापन: बिहार दिवस के अवसर पर उद्योग विभाग द्वारा आयोजित भव्य पवेलियन का मंगलवार को समापन हो गया; अंतिम दिन भी उमड़ी रिकॉर्ड भीड़।
  • खास मुलाकात: विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने पवेलियन का विस्तृत दौरा कर शिल्पकारों, बुनकरों और स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया।
  • शिल्प की चमक: मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला, जूट क्राफ्ट और “मेड इन बिहार” ब्रांड के बैग्स बने आकर्षण का मुख्य केंद्र।
  • औद्योगिक विजन: BIADA और ‘Invest Bihar’ के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियों का प्रदर्शन।
  • रोजगार पर जोर: MSME और स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल इकोसिस्टम बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को दी गई प्राथमिकता।
  • VOB इनसाइट: यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि बिहार के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को वैश्विक पहचान दिलाने का एक ठोस रोडमैप है।

पटना | 24 मार्च, 2026

​बिहार की औद्योगिक प्रगति और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम आज पटना में देखने को मिला। बिहार दिवस के उपलक्ष्य में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष पवेलियन का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन ने न केवल राज्य की पारंपरिक कलाओं को नया मंच दिया, बल्कि बिहार के उभरते हुए औद्योगिक विजन और स्टार्टअप्स की ताकत से भी दुनिया को रूबरू कराया। पवेलियन के अंतिम दिन आगंतुकों का उत्साह चरम पर रहा, जो बिहार के उत्पादों के प्रति बढ़ते भरोसे का प्रतीक है।

सचिव कुंदन कुमार का दौरा: “कारीगरों की मेहनत ही बिहार की पहचान”

​समापन समारोह के अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने पवेलियन के प्रत्येक स्टॉल का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से खादी एवं हैंडलूम उत्पादों के साथ-साथ स्टार्टअप्स द्वारा पेश किए गए नवाचारी उत्पादों की सराहना की। सचिव महोदय ने कारीगरों से उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार अब केवल कच्चा माल देने वाला राज्य नहीं, बल्कि ‘फिनिश्ड गुड्स’ का हब बनने की ओर अग्रसर है।

VOB डेटा चार्ट: उद्योग विभाग पवेलियन 2026 — मुख्य आकर्षण और नीतियां

  • प्रदर्शित पारंपरिक कलाएं: अप्लिक, कशीदा, मधुबनी पेंटिंग, सेरामिक कला, गुड़िया कला, जूट क्राफ्ट एवं सिक्की कला।
  • फ्लैगशिप ब्रांड: “मेड इन बिहार” (विशेषकर बैग और टेक्सटाइल उत्पाद)।
  • औद्योगिक विस्तार: BIADA के जरिए औद्योगिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण और विस्तार।
  • निवेश प्रोत्साहन: ‘Invest Bihar’ पोर्टल के माध्यम से निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो’ सुविधा की जानकारी।
  • MSME फोकस: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए नई सब्सिडी योजनाएं और ऋण प्रक्रिया का सरलीकरण।
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीड फंडिंग और मेंटरशिप कार्यक्रमों का प्रदर्शन।

“वोकल फॉर लोकल” से “ग्लोबल बिहार” तक का सफर

​पवेलियन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि बिहार अब औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर चुका है। सचिव ने उल्लेख किया कि BIADA के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में औद्योगिक पार्कों का विकास किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को पलायन के बजाय घर में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पवेलियन में स्टार्टअप्स के स्टॉल्स ने विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित किया, जहाँ कृषि, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नए प्रयोगों को प्रदर्शित किया गया था।

VOB का नजरिया: क्या यह आयोजन निवेश में तब्दील होगा?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि उद्योग विभाग का यह पवेलियन राज्य की छवि बदलने में बेहद प्रभावी रहा है।

  1. ब्रांडिंग की ताकत: “मेड इन बिहार” बैग्स और खादी उत्पादों की जिस तरह से ब्रांडिंग की गई है, वह बड़े रिटेल स्टोर्स को टक्कर देने के लिए तैयार है।
  2. नीतिगत सुधार: Invest Bihar के जरिए निवेशकों में यह भरोसा जागा है कि बिहार अब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) में गंभीर है।
  3. रोजगार सृजन: MSME क्षेत्र में सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं से स्थानीय कारीगरों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और सीधे बाजार तक पहुंच बनेगी।

निष्कर्ष: सुशासन और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय

​बिहार दिवस के इस पवेलियन ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिहार की पारंपरिक कला और आधुनिक उद्योग एक साथ मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। सचिव कुंदन कुमार के नेतृत्व में विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयास ‘आत्मनिर्भर बिहार’ के संकल्प को धरातल पर उतार रहे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस औद्योगिक बदलाव और कारीगरों के सशक्तिकरण की हर खबर आप तक पहुँचाता रहेगा।

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