भागलपुर (सुल्तानगंज): चैती नवरात्र के पावन अवसर पर भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। विभिन्न चैती दुर्गा मंदिरों से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं, युवतियां और श्रद्धालु शामिल हुए।
गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
शोभायात्रा पूरे पारंपरिक उल्लास के साथ निकाली गई। महिलाएं और युवतियां सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर आगे बढ़ती नजर आईं। पूरा शहर “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।
उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी
श्रद्धालु सुल्तानगंज के प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम स्थित उत्तरवाहिनी गंगा घाट पहुंचे, जहां उन्होंने पवित्र स्नान किया। इसके बाद कलश में गंगा जल भरकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
गंगा जल से भरे कलश को लेकर श्रद्धालु पैदल ही अपने-अपने दुर्गा मंदिरों की ओर लौटे, जहां चैती नवरात्र पूजा का शुभारंभ हुआ।
मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नवरात्र की पहली पूजा के मौके पर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिली।
खास तौर पर—
- महेशी मोतीचक चैती दुर्गा मंदिर
- शाहाबाद चैती दुर्गा मंदिर
- मसदी चैती दुर्गा मंदिर
में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पूरे आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। प्रशिक्षु एएसपी सयाम रजा के नेतृत्व में गंगा घाट से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और मंदिरों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
- जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती
- भीड़ नियंत्रण के विशेष प्रबंध
- लगातार निगरानी और गश्ती
के जरिए आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
श्रद्धा और उत्साह का अनोखा संगम
चैती नवरात्र की शुरुआत के साथ ही सुल्तानगंज में भक्तिमय माहौल बन गया है। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और आने वाले दिनों में मंदिरों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष:
सुल्तानगंज में निकली यह भव्य कलश शोभायात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और धार्मिक उत्साह की भी मिसाल पेश करती है। प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच चैती नवरात्र का पर्व पूरे उल्लास के साथ शुरू हो गया है।


