बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने गुरुवार को गया में चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान में जनता ने महागठबंधन को स्पष्ट समर्थन दिया है और पूरे चुनाव में महागठबंधन 160 से अधिक सीटें जीतने जा रहा है।
“पहले चरण में महागठबंधन लीड में” — राजीव शुक्ला
गया में कांग्रेस प्रत्याशी अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे राजीव शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:
- पहले चरण में महागठबंधन को जनता का आशीर्वाद मिला
- पूरे चुनाव में RJD-कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन 160 से ज्यादा सीटें जीतेगा
- एनडीए की जमीन खिसक चुकी है
उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और वह विपक्ष को मजबूत समर्थन दे रही है।
“चुनाव आयोग निष्पक्ष हो जाए तो हम 160+ सीटों पर जीतें”
राजीव शुक्ला ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि:
“अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष होकर चुनाव कराए, तो हमारा गठबंधन 160 से अधिक सीट ले आएगा। तेजस्वी यादव ने जो कहा, वह सही कहा है—चुनाव आयोग बेईमानी कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और इसका जवाब वोट से देगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला
राजीव शुक्ला ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के राजद के चुनाव चिन्ह “लालटेन” पर दिए बयान को खारिज करते हुए कहा:
- “उन्हें लालटेन के बारे में क्या पता? आज भी गांव-देहात में लालटेन ही लोगों का सहारा है।”
- “प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए छठ पर नया घाट बनवाया था, लेकिन उसमें भी खामी रह गई।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री को बिहार पर टिप्पणी करने का कोई अनुभव नहीं है।
योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर’ मॉडल पर चुटकी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनावी भाषण में बुलडोजर का बार-बार जिक्र किए जाने पर राजीव शुक्ला ने कहा:
“20 साल से बिहार में एनडीए की सरकार है। योगी बताएं—नीतीश कुमार ने कितनी बार बुलडोजर चलवाया? कानून को हाथ में लेना यहां का तरीका नहीं है।”
उन्होंने कहा कि जहां-जहां योगी की सभा हो रही है, वहां बुलडोजर खड़े किए जा रहे हैं, जिसे विपक्ष जनता को डराने वाला तरीका बता रहा है।
दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को
बिहार में दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब चरम पर है और सभी गठबंधन अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।


