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बिहार में बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार का नया फार्मूला, बदले जाएंगे 50 हजार सर्किट किमी तार

BySumit Kumar

May 14, 2022

बिजली कंपनी के तकनीकी और व्यावसायिक नुकसान को कम किए जाने को ले वितरण सेक्टर के लिए बनी रिवैंप स्कीम के तहत बिहार में 50 हजार सर्किट किमी में बिजली के तार बदले जाएंगे। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र से सहायता मिलनी है। बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार इस योजना के क्रियान्वयन पर 2700 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

इसी वर्ष एलटी लाइन के तार बदलने की योजना पर काम शुरू होगा

बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार इसी वर्ष एलटी लाइन के तार बदलने की योजना पर काम शुरू होगा। इस योजना पर होने वाले खर्च पर सैद्धांतिक सहमति है। अनुमति मिलने के बाद इसकी निविदा की जाएगी। कई चरणों में यह काम किया जाना है।

अब एरियल बंच केबल लगाए जाएंगे

एलटी लाइन को बदलकर उसकी जगह अब एरियल बंच केबल लगाए जाएंगे। एलटी लाइन की दिक्कत यह है कि उसमें टोका फंसाकर बिजली चोरी के मामले सामने आते रहे हैं। इस कारण बिजली कंपनी को राजस्व का नुकसान होता है। वहीं एरियल बंच केबल में टोका फंसाना संभव नहीं हो सकेगा। इस कारण बिजली चोरी नहीं हो सकेगी। इसके अतिरिक्त तार गिरने से होने वाला नुकसान भी एरियल बंच केबल से नहीं होता है।

बिहार में डेढ़ से दो लाख सर्किट किमी है एलटी लाइन। बहुत से नए इलाके या ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने बांस खड़े कर लाइन दौड़ा लिए हैैं। इस कारण बिजली कंपनी को नुकसान होता है।

क्या है रिवैंप स्कीम

रिवैंप स्कीम के मूल में है कि बिजली कंपनी को बिजली चोरी व तकनीक की गड़बड़ी से होने वाले नुकसान को कम किया जाए। पिछले दिनों केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के समक्ष बिजली कंपनी की ओर से इस संबंध में एक प्रेजेंटेशन दिया गया था। इसके बाद इस बाबत ऊर्जा मंत्रालय को अलग-अलग प्रस्ताव भेजे गए थे। इसी प्रस्ताव में एक प्रस्ताव एलटी लाइन के केबल को बदलने का है।