गोपाल मंडल का ‘रिवॉल्वर’ स्वैग पड़ा भारी! होली पर हथियार लेकर घूमना पड़ा महंगा; लाइसेंस सस्पेंड, अब ‘दोनाली’ पर भी खतरा

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • बड़ी कार्रवाई: गोपालपुर के पूर्व जदयू विधायक गोपाल मंडल का आर्म्स लाइसेंस निलंबित।
  • वजह: होली की पूर्व संध्या पर हाथ में रिवॉल्वर लेकर सरेआम घूमने का वीडियो हुआ था वायरल।
  • सख्ती: एसएसपी की रिपोर्ट पर डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने लिया कड़ा फैसला।
  • हिस्ट्री: 2023 में भी अस्पताल के ओटी (OT) में रिवॉल्वर ले जाने पर हुई थी कार्रवाई।

भागलपुर: अपनी ‘दबंग’ छवि और बेबाक बयानों के लिए मशहूर गोपालपुर के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल एक बार फिर कानूनी शिकंजे में हैं। इस बार उनकी ‘पिस्तौल वाली आदत’ ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। होली की खुशियों के बीच हाथ में रिवॉल्वर लहराते हुए उनके एक वीडियो ने न केवल सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरीं, बल्कि भागलपुर प्रशासन को भी एक्शन मोड में ला दिया। नतीजा? उनके रिवॉल्वर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है।

होली का ‘हथियारबंद’ जश्न और वायरल वीडियो

​पूरा मामला होली की पूर्व संध्या का है, जब गोपाल मंडल अपने गांव में हाथ में रिवॉल्वर लेकर सरेआम घूमते देखे गए।

  • वीडियो साक्ष्य: किसी ने इस ‘शक्ति प्रदर्शन’ का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
  • पुलिस जांच: एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित जांच की और पाया कि पूर्व विधायक ने आर्म्स एक्ट के कड़े प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
  • नोटिस: डीएम ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि वे आखिर किस परिस्थिति में हथियार लेकर सरेआम निकले थे? संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द भी हो सकता है।

आदतन उल्लंघन? 2023 का ‘अस्पताल कांड’ भी आया याद

FB IMG 1772687024356

​यह पहली बार नहीं है जब गोपाल मंडल ने कानून को ‘जेब’ में रखने की कोशिश की है।

  1. अक्टूबर 2023: मायागंज अस्पताल (भागलपुर) के ऑपरेशन थिएटर (OT) में गोपाल मंडल हाथ में रिवॉल्वर लेकर घुस गए थे।
  2. पिछली सजा: उस समय भी जिला प्रशासन ने उनके लाइसेंस को सस्पेंड किया था।
  3. नया खतरा: पूर्व विधायक के पास एक ‘दो नाली’ बंदूक भी है। बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ाने के कारण अब प्रशासन उनकी इस बंदूक का लाइसेंस भी छीनने की तैयारी कर रहा है।

VOB का नजरिया: नेता जी, कानून सबके लिए बराबर है!

​गोपाल मंडल का यह व्यवहार ‘दबंगई’ कम और ‘लापरवाही’ ज्यादा नजर आता है। एक जनप्रतिनिधि (भले ही पूर्व हों) से यह उम्मीद की जाती है कि वे समाज में शांति और नियम का पालन करेंगे, न कि सरेआम हथियार लहराकर डर का माहौल बनाएंगे। भागलपुर पुलिस और डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की यह त्वरित कार्रवाई उन सभी के लिए सबक है जो पद और पावर के नशे में खुद को कानून से ऊपर समझने लगते हैं।

  • Related Posts