पटना। बिहार की राजधानी पटना में चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। इस बीच पटना पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
बेऊर जेल में कुख्यात अपराधियों से पूछताछ
हत्या की जांच में तेजी लाते हुए पटना पुलिस ने शनिवार को बेऊर जेल में छापेमारी की। इस दौरान कई कुख्यात अपराधियों से पूछताछ की गई। पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड के पीछे जेल में बंद गैंगस्टर अजय वर्मा का हाथ हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, जमीन विवाद को लेकर खेमका की हत्या की गई है। पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग से जोड़कर देख रही है। बताया जा रहा है कि अजय वर्मा से इस संदर्भ में लंबी पूछताछ की गई है।
अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई FIR
घटना के संबंध में गोपाल खेमका के छोटे बेटे गौरव खेमका ने गांधी मैदान थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस जांच के तहत हत्या के पीछे के संभावित आर्थिक और आपराधिक कारणों की गहराई से जांच कर रही है।
अब तक क्या हुआ:
- घटना के 48 घंटे बाद भी आरोपी फरार
- SIT की जांच शुरू, कई जगहों पर छापेमारी
- CCTV फुटेज के आधार पर पहचान की कोशिश
- बेऊर जेल में अजय वर्मा समेत कई अपराधियों से पूछताछ
- पुलिस को जमीन विवाद और पेशेवर हत्या का संदेह
प्रशासन पर उठे सवाल
घटना स्थल गांधी मैदान थाना से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर होने के बावजूद, अपराधी खुलेआम खेमका को गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस की प्रतिक्रिया में हुई देरी और सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को लेकर जनता और व्यापारिक समुदाय में गहरा आक्रोश है।
जांच जारी है, और पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा। आम लोगों और व्यवसायियों की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।


