पटना, 7 जुलाई 2025 — राजधानी पटना के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बड़ी प्रगति की है। रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान गिरफ्तार किए गए संदिग्ध रोशन कुमार के बाद, अब पुलिस ने इस मामले में 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
मोबाइल से मिले अहम सुराग, जेल में की गई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने जेलों में छापेमारी की और वहां से कई मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें मौजूद सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। इन मोबाइल्स में कुछ कॉल डिटेल्स, चैट्स और संदिग्ध बातचीत सामने आई हैं, जिन्हें लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
DGP विनय कुमार का बयान: “कोई नहीं बचेगा”
बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने कहा कि, “हत्याकांड में शामिल एक भी अपराधी नहीं बचेगा। पटना पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत जेल में बंद कुख्यात अपराधियों से पूछताछ की गई और वहीं से मोबाइल जब्ती हुई।
क्या है मामला?
शुक्रवार की रात पटना के कारोबारी गोपाल खेमका की उनके अपार्टमेंट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस वक्त हुई जब वे अपनी कार से उतर ही रहे थे। अपराधी हेलमेट पहनकर पहले से घात लगाए खड़ा था और वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से फरार हो गया।
अब तक की जांच:
- अंतिम संस्कार के दौरान रोशन कुमार की गिरफ्तारी
- जेल में छापेमारी, कई मोबाइल जब्त
- 12 से अधिक संदिग्ध हिरासत में
- मोबाइल डेटा की फोरेंसिक जांच जारी
पटना पुलिस ने फिलहाल मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच तेज कर दी है। जल्द ही आरोपियों की पहचान सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।


