पटना। राजधानी पटना में चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या के पीछे कारोबारी दुश्मनी का मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले बिल्डर अशोक साह, शूटर उमेश उर्फ विजय और गन सप्लायर विकास उर्फ राजा को गिरफ्तार किया। मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में विकास मारा गया।
कारोबारी विवाद बना हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, अशोक साह और गोपाल खेमका के बीच व्यवसायिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में अशोक साह ने शूटर उमेश को 10 लाख की सुपारी दी थी। उमेश ने स्वीकार किया है कि उसे 1 लाख एडवांस दिया गया था।
4 जुलाई को उमेश ने खेमका को उनके घर के बाहर गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
एनकाउंटर में मारा गया गन सप्लायर
गन सप्लायर विकास उर्फ राजा को पुलिस सोमवार रात पटना सिटी के मालसलामी इलाके में हथियार की बरामदगी के लिए ले गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया।
- एनकाउंटर का समय: मंगलवार तड़के 4 बजे
- बरामदगी: एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और खोखा
- शव भेजा गया: नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH), पटना
विकास पर पूर्व से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वह कई हत्याओं में संलिप्त रहा है।
शूटर उमेश की गिरफ्तारी और खुलासे
पुलिस ने 8 जुलाई को मालसलामी इलाके से उमेश उर्फ विजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने मर्डर सुपारी की बात स्वीकार की और बताया कि वह दिल्ली में विजय के नाम से रहता था।
- गिरफ्तारी के समय: वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गया था
- बरामदगी: घटना में प्रयुक्त बाइक, पिस्टल, 80 कारतूस, दो मोबाइल फोन और ₹1 लाख नकद
- हथियार मिला: गंगा किनारे के इलाके से
उदयगिरी अपार्टमेंट से 3 हिरासत में, मास्टरमाइंड अशोक साह का पता चला
उमेश की निशानदेही पर पुलिस और STF की टीम ने कोतवाली थाना अंतर्गत उदयगिरी अपार्टमेंट (B ब्लॉक, फ्लैट नं. 601) में रेड की, जहां से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
- यह फ्लैट केके झुनझुनवाला का है जो मुंबई में रहते हैं
- फ्लैट में 70 वर्षीय अशोक साह दो वर्षों से रह रहा था
- मूल रूप से अशोक नालंदा, बिहारशरीफ का निवासी है
- पूर्व में लोहे का कारोबार करता था
- अशोक की पत्नी का निधन हो चुका है; बेटा पुणे में और बेटी-दामाद फतुहा में रहते हैं
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
पटना पुलिस ने SIT और STF की संयुक्त कार्रवाई में इस हत्या की साजिश, क्रियान्वयन और कनेक्शन को उजागर कर दिया है। अब पुलिस इस मामले में अन्य संभावित सहयोगियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
पटना SSP और SP समेत वरीय अधिकारियों ने घटनास्थलों का मुआयना किया और टीम को आवश्यक निर्देश दिए।
यह हत्याकांड न केवल राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी उजागर करता है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा किस हद तक खतरनाक मोड़ ले सकती है।


