- बड़ी पहल: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू; गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने किया ऐलान
- नई मिलें भी लगेंगी: बंद मिलों को खोलने के साथ-साथ नई चीनी मिलों की स्थापना की भी तैयारी; 25 जिलों से मांगी गई रिपोर्ट
- जलजमाव से मुक्ति: जलजमाव के कारण बेकार पड़ी 66 हजार एकड़ जमीन पर फिर लहलहाएगा गन्ना; वैज्ञानिकों ने बताए उन्नत खेती के गुर
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार के गन्ना किसानों, खासकर गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक राहत भरी खबर है। सरकार ने बहुप्रतीक्षित सासामुसा चीनी मिल (Sasamusa Sugar Mill) को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने शनिवार को पटना के बामेती (BAMETI) में आयोजित गन्ना किसान संगोष्ठी में यह घोषणा की।
सीएम नीतीश की प्राथमिकता: किसान और चीनी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- बंद मिलें: सासामुसा के अलावा अन्य बंद चीनी मिलों को भी खोलने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी काम कर रही है।
- नई मिलें: सरकार सिर्फ पुरानी मिलों तक सीमित नहीं है। नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों से रिपोर्ट तलब की गई है, ताकि राज्य में चीनी उत्पादन बढ़ाया जा सके।
66 हजार एकड़ जमीन को मिलेगा जीवनदान
किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री ने चिंता जताई कि बिहार में पहले 12 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती थी, जो जलजमाव के कारण घट गई है। अभी भी 66 हजार एकड़ खेत जलजमाव के कारण बेकार पड़े हैं, जिसे खेती योग्य बनाने के लिए सरकार काम कर रही है।
लौटेगा ‘चीनी का कटोरा’ वाला गौरव
अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने कार्यक्रम में कहा कि एक समय था जब देश में सबसे ज्यादा चीनी बिहार में बनती थी। उस गौरव को वापस लाने के लिए ‘टीम भावना’ से काम करना होगा।
- अधिकारियों की अपील: ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने किसानों से अपनी क्षमता पहचानने की अपील की। वहीं, वैज्ञानिक डॉ. बक्शी राम और डॉ. एके मल्ल ने किसानों को जलजमाव वाले क्षेत्रों के लिए विशेष बीज और उर्वरक के प्रयोग की तकनीकी जानकारी दी।
बिहार में चीनी मिलों का पुनरुद्धार अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।


