लैंड फॉर जॉब केस पर गिरिराज सिंह का लालू यादव पर तीखा हमला बोले— “जो भ्रष्टाचार किया है, उसकी सजा तो मिलेगी ही”

पटना। लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों समेत 41 आरोपियों पर आरोप तय किए जाने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। जहां आरजेडी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

बेगूसराय से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले को लेकर लालू यादव पर तीखा हमला बोला है।


“जैसी करनी, वैसी भरनी” — गिरिराज सिंह

पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि लालू यादव ऐसे नेता हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं किया, बल्कि उसे अपनी राजनीति का हिस्सा बना लिया।

“जैसी करनी, वैसी भरनी। अगर लालू जी चारा घोटाले से सीख लेते, तो आज उनके बेटे और परिवार के लोग इस केस में नहीं फंसते। लेकिन वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो कुछ भी हो जाए, भ्रष्टाचार से बाज नहीं आते।”
गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री


साजिश के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार

आरजेडी द्वारा लगाए जा रहे राजनीतिक साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यह मामला पूरी तरह साक्ष्यों और दस्तावेजों पर आधारित है।

उन्होंने कहा—

“पूरी दुनिया जानती है कि रेल मंत्री रहते हुए नौकरी के बदले जमीन परिवार के नाम लिखवाई गई। जांच एजेंसियों ने कागजात और सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है और अदालत ने उन्हीं तथ्यों को देखते हुए आरोप तय किए हैं।”


ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। ईडी की कार्रवाई में हस्तक्षेप और केंद्र सरकार पर बदले की राजनीति के आरोपों को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा—

“यह ‘चोर बोले जोर से’ वाली कहानी है। साक्ष्य चोरी किए गए हैं और उसी को छुपाने के लिए सड़क पर उतरकर हंगामा किया जा रहा है।”


लालू यादव समेत 41 लोगों पर आरोप तय

गौरतलब है कि रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के बदले जमीन लेने के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव समेत 41 लोगों पर आरोप तय किए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि इस मामले में एक साजिश रची गई थी, जिसमें लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों की अहम भूमिका रही।

आरोप तय होने वालों में शामिल हैं—

  • लालू प्रसाद यादव
  • राबड़ी देवी
  • मीसा भारती
  • तेजस्वी यादव
  • तेजप्रताप यादव
  • हेमा यादव
    साथ ही उनके कई सहयोगी और अन्य आरोपी भी शामिल हैं।

सियासत और कानूनी लड़ाई दोनों तेज

इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां बीजेपी इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई बता रही है, वहीं आरजेडी इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मामला अदालत के साथ-साथ राजनीतिक मंच पर भी और गर्माने की संभावना है।


 

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