खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- वायरल वीडियो: रोहतास के मंच पर बाहुबली सुनील पांडेय और खेसारी लाल यादव की जुगलबंदी।
- बड़ा ऑफर: सुनील पांडेय ने खेसारी को काराकाट से चुनाव लड़ने और टिकट दिलाने का दिया ‘वचन’।
- दो टूक जवाब: खेसारी बोले— “राज्यसभा जा सकता हूँ पर जाना नहीं, मैं कलाकार ही ठीक हूँ।”
- फ्लैशबैक: पवन सिंह भी इसी काराकाट सीट से लड़ चुके हैं लोकसभा चुनाव।
रोहतास: बिहार की राजनीति और भोजपुरी सिनेमा का चोली-दामन का साथ रहा है। ताज़ा मामला रोहतास जिले से सामने आया है, जहाँ एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर सियासत की ऐसी बिसात बिछी कि वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। मंच पर थे भोजपुरी के ‘हिट मशीन’ खेसारी लाल यादव और उनके सामने सोफे पर विराजे थे बाहुबली नेता सुनील पांडेय। बातों-बातों में जब सुनील पांडेय ने खेसारी को चुनावी अखाड़े में उतरने का न्योता दिया, तो सुपरस्टार के जवाब ने महफिल लूट ली।
“काराकाट से टिकट फाइनल करवाएम… तू चुनाव लड़िहा”
वीडियो में दिख रहा है कि सुनील पांडेय काफी आत्मीयता से खेसारी को राजनीति में आने का न्यौता दे रहे हैं।
सुनील पांडेय का बयान: “बबुआ तोहके जुबान दे तानी, अबकी बार तोहरा के काराकाट से टिकट फाइनल करवाएम, तू चुनाव काराकाट से ही लड़िहा।”
यह सुनते ही वहां मौजूद भीड़ ने तालियों और सीटियों से आसमान गुंजा दिया। गौरतलब है कि काराकाट वही सीट है जहाँ पिछले लोकसभा चुनाव में पावरस्टार पवन सिंह ने निर्दलीय उतरकर बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया था।
खेसारी का ‘पावरफुल’ रिजेक्शन: “झूठ बोलना मेरे बस की नहीं”
राजनीति के इस बाउंसर पर खेसारी लाल यादव ने बड़े ही सलीके से ‘सिक्सर’ जड़ा। उन्होंने मुस्कुराते हुए राजनीति के दांव-पेच को सिरे से खारिज कर दिया।
- राज्यसभा का जिक्र: खेसारी ने कहा, “आपके आशीर्वाद से मैं जिस दिन चाहूँ राज्यसभा जा सकता हूँ, लेकिन मुझे नहीं चाहिए।”
- कलाकार की गरिमा: उन्होंने साफ किया कि वे कलाकार बनकर खुश हैं। पहले भी वे कह चुके हैं कि राजनीति में जाने के लिए झूठ बोलना पड़ता है और एक कलाकार के रूप में वे अपनी सादगी और सच्चाई खोना नहीं चाहते।
छपरा की हार का वो ‘जख्म’: क्यों राजनीति से तौबा कर चुके हैं खेसारी?
खेसारी लाल यादव की इस बेरुखी के पीछे उनका पिछला कड़वा अनुभव भी है।
- छपरा का चुनाव: खेसारी विधानसभा चुनाव में छपरा से अपनी किस्मत आजमा चुके हैं, जहाँ उन्हें करारी शिकस्त मिली थी।
- भावुक वीडियो: हार के बाद उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे रोते हुए नजर आए थे। उन्होंने माना था कि राजनीति में आकर उन्होंने अपने करियर और कमाई दोनों को दांव पर लगा दिया था। अब वे 5 साल की उस ‘कठिन कमाई’ के दौर को दोबारा नहीं दोहराना चाहते।
VOB का नजरिया: क्या सच में ‘चुनावी पिच’ से दूर रहेंगे खेसारी?
बिहार में चुनाव नजदीक आते ही फिल्मी सितारों पर डोरे डालना पुरानी रीत है। सुनील पांडेय का यह ऑफर दिखाता है कि काराकाट सीट पर आज भी ‘स्टार फैक्टर’ की कितनी अहमियत है। हालांकि, खेसारी ने फिलहाल ‘नो’ कह दिया है, लेकिन राजनीति संभावनाओं का खेल है। क्या खेसारी अपने इस फैसले पर टिके रहेंगे या चुनावी समर में एक बार फिर ‘खेसारी’ तड़का लगेगा? यह वक्त बताएगा।


