- परफेक्ट स्कोर: गया के शुभम कुमार ने जेईई-मेन्स (सत्र-1) में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर रचा इतिहास; देश भर के उन चुनिंदा 12 अभ्यर्थियों में शामिल जिन्होंने हासिल किया यह मुकाम।
- कोटा कनेक्शन: 11वीं की पढ़ाई ऑनलाइन की, फिर एलेन की स्कॉलरशिप पर कोटा जाकर की तैयारी; नाजरेथ एकेडमी से की है मैट्रिक।
- आईआईटीयन परिवार: पिता हार्डवेयर व्यवसायी, मां गृहिणी; बड़ी बहन श्रेया पहले से आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस की छात्रा।
द वॉयस ऑफ बिहार (गया/एजुकेशन डेस्क)
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित जेईई-मेन्स (सत्र-1) के परिणामों में बिहार की मेधा ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। भगवान बुद्ध की धरती गया (Gaya) के लाल शुभम कुमार (Shubham Kumar) ने देश भर में अपना परचम लहराते हुए 100 पर्सेंटाइल (100 Percentile) अंक हासिल किए हैं।
देश के टॉप 12 में शामिल
जनवरी में आयोजित इस परीक्षा में देश भर से 13.55 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से शुभम उन 12 चुनिंदा अभ्यर्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने परफेक्ट स्कोर का कीर्तिमान स्थापित किया है।
- प्रतिस्पर्धा: बिहार से केवल शुभम ही इस प्रतिष्ठित क्लब में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
- अन्य राज्य: परिणामों में राजस्थान का दबदबा रहा, जहां से तीन छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए। वहीं आंध्र प्रदेश से दो और दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा व तेलंगाना से एक-एक छात्र इसमें शामिल हैं।
रिसर्चर बनने का सपना, IIT मुंबई है लक्ष्य
शुभम कुमार का सपना सिर्फ इंजीनियर बनना नहीं, बल्कि रिसर्चर (Researcher) बनकर देश सेवा करना है।
- लक्ष्य: वह आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) से कंप्यूटर साइंस (CS) में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।
- प्रेरणा: शुभम का कहना है कि इंजीनियरिंग में आने से सभी क्षेत्रों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और एलेन इंस्टीट्यूट (Allen Institute) प्रबंधन को दिया है।
- सन्देश: असफल छात्रों के लिए शुभम का संदेश है- “दुखी न हों, मेहनत करते रहें, सफलता निश्चित मिलेगी।”
बहन पहले से IIT में, पिता चलाते हैं हार्डवेयर दुकान
शुभम की सफलता के पीछे एक मजबूत पारिवारिक सहयोग और शैक्षणिक माहौल रहा है।
- परिवार: उनके पिता शिवकुमार (Shivkumar) हार्डवेयर व्यवसायी हैं और माता कंचन देवी (Kanchan Devi) गृहिणी हैं। पिता ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं होने दी गई।
- बहन: शुभम की बड़ी बहन श्रेया कुमारी भी होनहार हैं। वे जेईई मेंस में 5000 रैंक लाकर वर्तमान में आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही हैं।
कोटा और ऑनलाइन पढ़ाई का तालमेल
शुभम ने बताया कि उन्होंने 11वीं की पढ़ाई ऑनलाइन की थी। अच्छे रिजल्ट को देखते हुए एलेन ने उन्हें स्कॉलरशिप दी और कोटा बुला लिया। उन्होंने एक साल कोटा में रहकर तैयारी की और वहीं से एग्जाम दिया। मैट्रिक की पढ़ाई उन्होंने गया के नाजरेथ एकेडमी (Nazareth Academy) से पूरी की है।
बिहार के इस होनहार छात्र की उपलब्धि पर पूरे राज्य को गर्व है।


