गया (बिहार): दुर्गा पूजा को लेकर पूरे बिहार में रौनक है। गया जी का केदारनाथ मार्केट इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है, जहां कोलकाता मायापुर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण हुआ है।
125 सालों से चली आ रही परंपरा
केदारनाथ मार्केट में पिछले 125 वर्षों से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती रही है। खास बात यह है कि प्रतिमा के लिए मिट्टी हर साल कोलकाता से लाई जाती है और यह परंपरा आज तक नहीं टूटी।
पिछले साल यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर पंडाल बना था, जबकि इस बार इसे कोलकाता मायापुर इस्कॉन मंदिर की थीम पर सजाया गया है।
कोलकाता से लाई जाती है मिट्टी
इस बार 60-70 कारीगर लगातार कई महीने से काम कर रहे थे। कोलकाता और दिल्ली से आए एक्सपर्ट कलाकारों ने बांस, पीट कपड़ा और मौली की मदद से इस अद्भुत पंडाल का निर्माण किया है।
क्या बोले पुजारी?
पुजारी ने बताया,
“अब तक कंबोडिया मंदिर को सबसे बड़ा कहा जाता था। आने वाले दिनों में कोलकाता मायापुर का इस्कॉन मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा। हर साल हम कुछ नया करते हैं, इसलिए इस बार इस्कॉन मंदिर की तर्ज पर यह भव्य पंडाल तैयार किया गया है।”
बिहार का सबसे चौड़ा और लंबा पंडाल
आयोजन समिति के सदस्य प्रणव कुमार ने बताया कि यह पंडाल बिहार का सबसे चौड़ा और सबसे लंबा है।
उन्होंने कहा,
“यहां पिछले 125 सालों से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होती है। कोलकाता से लाई गई मिट्टी से ही प्रतिमा बनाई जाती है। हर बार देश और दुनिया के प्रसिद्ध मंदिरों की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जाता है। इस बार इस्कॉन मंदिर इसकी प्रेरणा है।”


