गंगा का कहर! भागलपुर में बाढ़ से तबाही, 13 वार्ड डूबे, सड़कों पर पानी

भागलपुर — सावन बीत चुका है, लेकिन गंगा का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले में रविवार को भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहता रहा, जिससे शहर और गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

शनिवार को जहां प्रशासन ने भागलपुर-सुल्तानगंज के बीच एनएच-80 पर यातायात बंद कर दिया था, वहीं रविवार को भागलपुर-सन्हौला गोराडीह रोड पर भी बाढ़ का पानी घुस गया। सबौर, कहलगांव और पीरपैंती में कई ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो गई हैं।

गंगा का जलस्तर रविवार दोपहर तक भागलपुर में 34.62 मीटर और कहलगांव में 32.78 मीटर पहुंच गया — दोनों ही खतरे के निशान से काफी ऊपर।


शहर में पानी का कब्ज़ा

  • विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस डूबा
  • सराय से नरगा जाने वाली सड़क पर आवागमन ठप
  • सबौर के कुरपट बिजली सबस्टेशन में पानी घुसा, हालांकि बिजली सप्लाई जारी
  • टीएमबीयू, बरारी और नदी किनारे के घाटों पर पानी चढ़ा

नगर निगम के 51 में से 13 वार्ड पूरी तरह बाढ़ प्रभावित हैं, जिनमें नाथनगर (वार्ड 1, 2, 3, 4, 9), टीएमबीयू क्षेत्र (वार्ड 17, 18, 21, 22, 25) और बरारी (वार्ड 27, 28, 29) प्रमुख हैं।


गांवों में भी खतरा, लेकिन तटबंध सुरक्षित

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि नदियों का जलस्तर ऊंचा है, कुछ गांवों में पानी घुस चुका है, लेकिन सभी तटबंध सुरक्षित हैं।


फरक्का बैराज से निकला पानी

रविवार सुबह फरक्का बैराज के 109 में से 101 गेट खोल दिए गए, जिससे गंगा में पानी का दबाव और बढ़ गया है।


राहत कार्य और बिजली संकट

  • सुल्तानगंज प्रखंड में कई पंचायतें डूबीं, बिजली ठप
  • 30 सामुदायिक किचन शुरू
  • सिविल सर्जन ने राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच शिविर का निरीक्षण किया

गुस्साए बाढ़ पीड़ितों का सड़क जाम

सुल्तानगंज-मुंगेर मुख्य पथ पर गनगनियां के पास बाढ़ पीड़ितों ने खाद्यान्न की कमी को लेकर सड़क जाम कर दी। बाद में प्रशासन ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और दो दिन का राशन सामुदायिक किचन में भेजने का आश्वासन दिया।


 

  • Related Posts

    ​भागलपुर में मैट्रिक परीक्षा: जूता-मोजा पहनकर आने पर ‘नो एंट्री’; 17 फरवरी से 61 केंद्रों पर होगी परीक्षा, DM ने जारी की सख्त गाइडलाइन

    Share Add as a preferred…

    Continue reading