
बक्सर से कहलगांव तक नदी का जलस्तर 15 वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर; तटबंधों पर भारी दबाव
पटना/कहलगांव, 23 जुलाई 2025: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बक्सर से कहलगांव तक खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। एहतियातन फरक्का बैराज के सभी 108 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सके। सोमवार रात फरक्का में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया।
मंगलवार सुबह तक स्थिति और गंभीर हो गई। कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेमी और फरक्का में 4 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। इससे तटबंधों पर भारी दबाव बना है।
तटबंधों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी:
- जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी के लिए 600 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है।
- 24 घंटे निगरानी के आदेश के साथ सभी संवेदनशील स्थलों पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
भारी बारिश से जलस्तर में असाधारण वृद्धि:
- पड़ोसी राज्यों (उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि) में भारी बारिश के चलते गंगा का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है।
- बक्सर में नदी का जलस्तर पिछले साल की तुलना में 6 मीटर अधिक है।
- पटना में गंगा पिछले साल से 2 मीटर ऊपर बह रही है।
- जुलाई के पहले सप्ताह में गंगा में पिछले 15 वर्षों की तुलना में सबसे अधिक जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है।
संभावित खतरे और विभागीय अलर्ट:
- विभाग की रिपोर्ट के अनुसार,
“जुलाई महीने में इतने जलस्तर की स्थिति पिछले डेढ़ दशक में नहीं देखी गई।”
- तटवर्ती जिलों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
- निचले इलाकों के लिए निकासी योजनाएं सक्रिय कर दी गई हैं।
- स्थिति को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
गंगा नदी का यह असामान्य उफान बाढ़ की गंभीर आशंका की ओर इशारा करता है। प्रशासन की सक्रियता के बावजूद तटीय क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की तत्परता आवश्यक है। लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।


