भागलपुर — गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने पूर्वी बिहार के गंगा किनारे बसे जिलों में बाढ़ की स्थिति को भयावह बना दिया है। शुक्रवार से भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले एनएच-80 पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सबौर–कहलगांव के बीच बीएच एनएच डायवर्जन में सीपेज के चलते सीओ ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है।
भवनाथपुर में एनएच-80 के पार बहा पानी
भागलपुर–सुल्तानगंज के बीच भवनाथपुर में एनएच-80 पर गंगा का पानी आर-पार हो गया, जिससे सड़क संपर्क बाधित हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव तेज है और सड़क के किनारों की मिट्टी कटने लगी है।
शहर में नाव से सफर
शहरी इलाकों में भी बाढ़ ने दस्तक दे दी है। विश्वविद्यालय परिसर में नाव चलने लगी है, वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज, विस्थापित कॉलेजिएट स्कूल, टीएमबीयू परिसर और हाउसिंग कॉलोनी में पानी घुस गया है।
लोग अपने मवेशी, भूसा, अनाज और जरूरी सामान नाव पर लादकर अस्थायी शिविरों की ओर जा रहे हैं।
गांव-गांव फैला पानी, स्कूल-दफ्तर बंद
सबौर, गोराडीह और कहलगांव के कई नए इलाकों में गंगा का पानी फैल गया है। नवगछिया में गोपालपुर, रंगरा, इस्माईलपुर और नारायणपुर के गांवों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद हो गए हैं।
अभी भी बढ़ रहा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि गंगा अभी ‘राइजिंग स्टेटस’ में है। अलग-अलग स्थानों पर फ्लड फाइटिंग टीमें लगातार निगरानी और बचाव कार्य कर रही हैं।


