HIGHLIGHTS: बिहार उत्सव की 5 बड़ी बातें
- थीम: इस वर्ष का गौरवशाली संदेश— “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार”।
- स्टार नाइट: सोना महापात्रा, शान और पापोन जैसे बॉलीवुड के दिग्गज गांधी मैदान के मुख्य मंच पर देंगे प्रस्तुति।
- निरीक्षण: शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने गांधी मैदान का जायजा लिया; समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश।
- विविधता: गांधी मैदान के साथ-साथ एसके मेमोरियल हॉल और रविंद्र भवन में भी होंगे शास्त्रीय व लोक संगीत के कार्यक्रम।
- आकर्षण: पुस्तक मेला, व्यंजन मेला और ‘मिरैकल ऑन व्हील्स’ जैसे विशेष शो होंगे मुख्य आकर्षण।
पटना | 17 मार्च, 2026
बिहार अपनी स्थापना के 114वें गौरवशाली वर्ष का जश्न मनाने को तैयार है। राजधानी पटना का गांधी मैदान एक बार फिर अपनी माटी की खुशबू और आधुनिकता के संगम का गवाह बनेगा। शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने आज तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
🗓️ बिहार दिवस 2026: सुरों और संस्कृति का पूरा ‘शिड्यूल’
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तारीख |
गांधी मैदान (मुख्य मंच) |
श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल |
रविंद्र भवन |
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22 मार्च |
सोना महापात्रा (बॉलीवुड गायन) |
पंडित जगत नारायण पाठक (ध्रुपद) और ओडिसी नृत्य |
कमलेश सिंह (लोकगीत) और नाटक “गबरघिचोर” |
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23 मार्च |
शान (पार्श्व गायन) |
सुदीपा घोष (बुद्धचरित नृत्य-नाटिका) |
सुरेंद्र शर्मा (हास्य कवि सम्मेलन) और नाटक “वैजयंती” |
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24 मार्च |
पापोन (पार्श्व गायन) |
डॉ. एन. विजयालक्ष्मी (भरतनाट्यम) और चंदन तिवारी (लोकगीत) |
आलोक राज (ग़ज़ल एवं मुशायरा) |
सिर्फ नाच-गाना ही नहीं, ‘शिक्षा और स्वाद’ का भी तड़का
गांधी मैदान केवल संगीत के लिए नहीं, बल्कि बिहार की प्रतिभा के प्रदर्शन का भी केंद्र बनेगा:
- सांस्कृतिक पवेलियन: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक और लोक प्रस्तुतियां।
- शिक्षा पवेलियन: स्कूली बच्चों के नवाचार, शानदार पुस्तक मेला और चटोरो के लिए ‘व्यंजन मेला’।
- हेरिटेज शो: पर्यटन विभाग द्वारा बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों का सजीव प्रदर्शन।
VOB का नजरिया: ‘उन्नत बिहार’ का संकल्प या सिर्फ एक मेला?
बिहार दिवस का थीम “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” वर्तमान समय में बेहद प्रासंगिक है। सोना महापात्रा का बेबाक अंदाज, शान की मिठास और पापोन की रूहानी आवाज निश्चित रूप से पटना की शाम को हसीन बना देगी। लेकिन ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि उत्सव की असली भव्यता शिक्षा पवेलियन में दिखेगी, जहाँ हमारे बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि इन तीन दिनों में गांधी मैदान आने वाली लाखों की भीड़ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिले। क्या आप भी इस बार ‘बिहारी गौरव’ के इस महाकुंभ का हिस्सा बनने जा रहे हैं?


