शत्रुघ्न सिन्हा से सायोनी घोष तक… TMC में ‘बागी सांसदों’ की लिस्ट ने मचाया हड़कंप

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में भारी राजनीतिक उथल-पुथल की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 28 सांसदों में से 19 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों के मुताबिक जिन सांसदों के नाम इस कथित बगावत में सामने आए हैं, उनमें कई चर्चित चेहरे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

किन सांसदों के नाम सामने आए?

रिपोर्ट्स के अनुसार जिन सांसदों के नाम विद्रोही खेमे में बताए जा रहे हैं, उनमें शामिल हैं—

काकोली घोष, जगदीश चंद्र बसूनिया, अरूप चक्रवर्ती, डॉ. शर्मिला सरकार, शत्रुघ्न सिन्हा, आसित कुमार माल, खलीलुर रहमान, युसूफ पठान, अबू ताहिर खान, पार्थ भौमिक, बापी हलदर, सायोनी घोष, मिताली बेग, दीपक अधिकारी, कालिपदा सोरेन, जून मालिया, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी और माला रॉय।

इन नामों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा पर सबसे ज्यादा चर्चा

इन दावों में सबसे ज्यादा चर्चा सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर हो रही है। सायोनी घोष जहां युवा राजनीति में सक्रिय चेहरा मानी जाती हैं, वहीं शत्रुघ्न सिन्हा पहले ही भाजपा से बगावत कर टीएमसी में शामिल हुए थे।

अब उनके नाम को लेकर एक बार फिर राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।

TMC का पलटवार – “दोहरी राजनीति करने वाले खुद बाहर जा रहे हैं”

इस पूरे घटनाक्रम पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने कड़ा रुख अपनाया है। दोनों नेताओं ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे लोग संकट के समय पार्टी को छोड़ रहे हैं।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि नेताओं को दिल्ली में बयान देने के बजाय अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं का सामना करना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं और राजनीतिक अवसरवाद के चलते पार्टी छोड़ रहे हैं।

“असली टीएमसी हम हैं” – बागी गुट का दावा

इसी बीच टीएमसी के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद में नया मोड़ तब आया जब बागी गुट के नेता ऋतब्रता बनर्जी ने दावा किया कि वही “असली टीएमसी” का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके गुट को विधायकों और सांसदों का बड़ा समर्थन प्राप्त है और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।

कांग्रेस विलय की अटकलों के बीच बढ़ा विवाद

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब टीएमसी और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर पहले से ही राजनीतिक अटकलें तेज थीं। अब इस कथित बगावत ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।

राजनीतिक हलचल तेज, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिलहाल टीएमसी की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब तक पार्टी या चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट बयान नहीं आता, तब तक इसे राजनीतिक अटकलें ही माना जाएगा।

लेकिन इन खबरों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में निश्चित रूप से हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।

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