पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम के अंतर्गत आम जनता की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। इसके तहत अब हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारी आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका त्वरित निष्पादन करेंगे। यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की।
‘लोगों का जीवन आसान बनाना है’ – सीएम नीतीश कुमार
सीएम नीतीश कुमार ने पोस्ट में लिखा कि
“20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 को लागू किया। इसका सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ है, जिसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना है।”
उन्होंने कहा कि कई बार आम लोग अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारी मौजूद नहीं रहते, जिससे उन्हें परेशानी होती है। इसी को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
क्या होगी नई व्यवस्था?
- प्रत्येक सप्ताह दो कार्यदिवस (सोमवार और शुक्रवार) को
- ग्राम पंचायत
- थाना
- अंचल
- प्रखंड
- अनुमंडल
- जिला
- प्रमंडल
- राज्य स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में
आम लोग संबंधित पदाधिकारी से मिल सकेंगे।
- सभी अधिकारी अपने निर्धारित कार्यालय कक्ष में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
- शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निराकरण किया जाएगा।
- सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए
- बैठने की व्यवस्था
- पेयजल
- शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
- प्राप्त शिकायतों की पंजी में एंट्री होगी और उनका सतत अनुश्रवण किया जाएगा।
जनता से मांगे गए सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि इस व्यवस्था को लेकर कोई विशेष सुझाव देना चाहते हैं, तो लोग 10 जनवरी 2026 तक अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार को भेज सकते हैं।
सीएम ने विश्वास जताया कि
“इस व्यवस्था के लागू होने से आमजनों को बड़ी सुविधा मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। यह पहल राज्य के नागरिकों के दैनिक जीवन को और आसान बनाएगी।”



