- चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात, दोस्ती कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला
- कृष्णा के परिवार ने रिश्ते को दी सहर्ष रजामंदी; भागलपुर कोर्ट में कानूनी और सामाजिक रूप से हुए एक
- काजल ने कहा- ‘ससुराल में रहकर शुरू करूंगी नई जिंदगी’, मायके वालों को फिलहाल शादी की नहीं है खबर
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)
प्यार कोई सरहद या दूरी नहीं देखता, यह कहावत भागलपुर में एक बार फिर सच साबित हुई है। चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान शुरू हुई एक प्रेम कहानी आखिरकार भागलपुर कोर्ट परिसर में सात फेरों के साथ अपने मुकाम तक पहुंच गई है। बिहार के छपरा जिले की रहने वाली काजल और भागलपुर जिले के मथुरापुर निवासी कृष्णा ने अपने प्यार को कानूनी और सामाजिक मान्यता दे दी है।
चंडीगढ़ में शुरू हुआ था ‘लव एंगल’
कृष्णा और काजल की मुलाकात चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हुई थी।
- दोनों वहां रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती गहरे प्यार में बदल गई।
- कुछ समय बाद कृष्णा ने पढ़ाई छोड़ दी और चंडीगढ़ में ही एक निजी कंपनी (Private Company) में नौकरी करने लगा।
- लेकिन उनके बीच का रिश्ता और मजबूत होता गया। प्यार की कशिश ऐसी रही कि काजल ने छपरा से ट्रेन पकड़ी और सीधे चंडीगढ़ पहुंचकर कृष्णा के साथ ही पूरी जिंदगी बिताने का मजबूत फैसला कर लिया।
कृष्णा के परिवार ने अपनाया, कोर्ट में रचाई शादी
जब इस प्रेम प्रसंग की जानकारी कृष्णा के परिजनों को मिली, तो उन्होंने आज के समय की एक सकारात्मक मिसाल पेश करते हुए इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और शादी के लिए अपनी सहमति दे दी।
- परिवार की रजामंदी मिलने के बाद दोनों भागलपुर पहुंचे।
- यहां भागलपुर कोर्ट परिसर में ही दोनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए।
‘ससुराल में रहकर करूंगी नई शुरुआत’
शादी के बाद काजल बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि अब वे हमेशा कृष्णा के साथ रहेंगी और अपने ससुराल (मथुरापुर) में रहकर एक नए जीवन की शुरुआत करेंगी।
- इस प्रेम विवाह से कृष्णा का पूरा परिवार काफी खुश है।
- हालांकि, काजल के मायके वालों (छपरा) को फिलहाल इस शादी की कोई जानकारी नहीं है।
चंडीगढ़ से शुरू हुआ यह खूबसूरत सफर अब भागलपुर में एक नई और खुशहाल जिंदगी की कहानी लिख रहा है।


