पटना, 18 जुलाई 2025।बिहार सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य के 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक पूरी तरह मुफ्त बिजली देने की घोषणा को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले को मंजूरी दी गई।
ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि 1 अगस्त 2025 से यह व्यवस्था लागू होगी, जिसका लाभ जुलाई महीने के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार में कुल घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार है, जिनमें से 1 करोड़ 67 लाख 94 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी मासिक खपत 125 यूनिट से कम है। इन्हें अब बिजली के बिल से पूरी तरह छूट मिलेगी।
मुख्य बिंदु:
- 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, राज्य के 90% घरेलू उपभोक्ता होंगे लाभान्वित।
- योजना के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने ₹3,797 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
- वर्ष 2025-26 में कुल ₹19,792 करोड़ का वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
- इससे अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को शेष यूनिट का भुगतान निर्धारित टैरिफ के अनुसार करना होगा।
सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए भी वित्तीय सहायता
कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूरी सब्सिडी पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सहायता दी जाएगी। अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को भी इस दिशा में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्युत वितरण कंपनियों के RPO (Renewable Purchase Obligation) को पूरा करने में भी मदद करेगी।
बिहार पंप स्टोरेज संवर्धन नीति 2025 को भी स्वीकृति
राज्य सरकार ने 15 जुलाई से “बिहार पंप स्टोरेज संवर्धन नीति, 2025” को भी स्वीकृति दे दी है। यह नीति सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे अनियमित स्रोतों से उत्पन्न ऊर्जा को भंडारित करने एवं ग्रिड को स्थिर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके तहत:
- स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी।
- निवेशकों के लिए “एक खिड़की प्रणाली” विकसित की जा रही है।
- पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
- यह नीति हरित ऊर्जा क्षेत्र में बिहार को अग्रणी बनाने में सहायक होगी।
बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली, सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए वित्तीय सहायता और पंप स्टोरेज नीति जैसे निर्णय बिहार को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में एक नई ऊंचाई तक ले जाने वाले माने जा रहे हैं। इससे राज्य में न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि नवाचार, निवेश और रोजगार के भी नए रास्ते खुलेंगे।


