पटना। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली जीवनरेखा गांधी सेतु पर वर्षों से लगने वाले जाम से अब राहत मिलने वाली है। गंगा नदी पर गांधी सेतु के समानांतर बन रहा नया चार लेन का पुल दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद पटना से हाजीपुर का सफर कुछ ही मिनटों में तय किया जा सकेगा।
राज्य के सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पुल गांधी सेतु के पश्चिमी हिस्से में बनाया जा रहा है। अभी तक करीब 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही, तो यह पुल 2026 के अंत तक बन जाएगा और 2027 की शुरुआत में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
क्यों जरूरी था नया पुल
1982 में बना महात्मा गांधी सेतु अब 43 साल पुराना हो चुका है। यह सेतु राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित है और हर दिन लाखों वाहन इस पर से गुजरते हैं। व्यापार, नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही और कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए यह पुल बेहद अहम है।
हालांकि 2022 में इसकी मरम्मत और स्टील डेक से पुनर्निर्माण किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता गया। कई बार घंटों तक जाम की स्थिति बनती रही। इसी वजह से केंद्र सरकार ने गांधी सेतु के समानांतर एक नया फोरलेन पुल बनाने का फैसला लिया।
5.63 किलोमीटर लंबा होगा नया पुल
यह नया पुल 5.63 किलोमीटर लंबा होगा और इसके दोनों ओर करीब 14.5 किलोमीटर संपर्क पथ बनाए जा रहे हैं। सड़क निर्माण विभाग ने इसका निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू कराया था। इस परियोजना को एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है।
करीब 3 हजार करोड़ की लागत
केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 2,926.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात का बड़ा विकल्प बनेगा और गांधी सेतु पर दबाव को काफी हद तक कम करेगा।
उत्तर-दक्षिण बिहार की दूरी होगी और कम
पुल के चालू होते ही दक्षिण बिहार के पटना, जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा और नवादा जैसे जिलों से उत्तर बिहार के छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सिवान और गोपालगंज तक आना-जाना कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
गांधी सेतु का भी हुआ था कायाकल्प
महात्मा गांधी सेतु का पूरी तरह नवीनीकरण 2022 में पूरा हुआ था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 7 जून 2022 को इसके पूर्वी हिस्से का उद्घाटन किया था। इससे पहले जुलाई 2020 में पश्चिमी हिस्से को खोला गया था। इस मरम्मत पर करीब 1,750 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें पुराने कंक्रीट स्ट्रक्चर को हटाकर स्टील डेक लगाया गया।
अब नए समानांतर पुल के बन जाने से पटना–हाजीपुर मार्ग पर जाम इतिहास बन जाएगा और उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।


