पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष निगरानी अदालत ने मंगलवार को रिश्वत लेने के मामले में औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अंचल अमीन शिव शंकर राम को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत यह सजा दी। अदालत ने आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप किशोर कुमार सिंह ने बताया कि 11 नवंबर 2014 को निगरानी ब्यूरो की टीम ने शिव शंकर राम को एक स्थानीय व्यक्ति से उसकी जमीन की मापी का सही प्रतिवेदन देने के एवज में 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
अभियोजन की ओर से अदालत में 11 गवाहों के बयान कलमबंद कराए गए थे, जिनके आधार पर आरोप साबित हुआ और अदालत ने यह सजा सुनाई।


