पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। अस्थावां और सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जानकारी के अनुसार उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती गई और अंततः उनका निधन हो गया।
अस्पताल में नेताओं ने लिया था हाल-चाल
सतीश कुमार की तबीयत खराब होने की खबर मिलने के बाद कई नेता उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इनमें उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल थे, जिन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
निशांत कुमार ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंच सके, लेकिन उनके बेटे निशांत कुमार ने कंकड़बाग स्थित सतीश कुमार के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और उनके पुत्र व अन्य परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया दुख
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से सतीश कुमार के निधन पर शोक जताया। उन्होंने लिखा,
“अस्थावां एवं सूर्यगढ़ा के पूर्व विधायक सतीश कुमार जी का निधन दुःखद है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।”
कौन थे सतीश कुमार?
सतीश कुमार बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम रहे हैं। वे पहली बार 1990 में सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1995 में अस्थावां से निर्दलीय विधायक बने। वर्ष 2001 में समता पार्टी के टिकट पर भी उन्होंने चुनाव जीता।
वहीं 2009 में नालंदा लोकसभा सीट से उन्होंने लोक जन शक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वे दूसरे स्थान पर रहे।
कुर्मी चेतना महारैली से मिली पहचान
12 फरवरी 1994 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित कुर्मी चेतना महारैली ने सतीश कुमार को बड़ी पहचान दिलाई थी। इस रैली में नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे। माना जाता है कि लालू प्रसाद से अलग होने के बाद इसी रैली के जरिए बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था।
समृद्धि यात्रा पर निकले हैं मुख्यमंत्री
इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से समृद्धि यात्रा पर निकल चुके हैं। उनकी यात्रा की शुरुआत सुपौल से हुई है। इस दौरान वे कोसी और सीमांचल के कई जिलों का दौरा करेंगे।


