नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व प्रमुख ट्रेडर और फंड मैनेजर वीरेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने शेयर सौदों से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक कर अवैध रूप से मुनाफा कमाया।
यह मामला फ्रंट रनिंग से जुड़ा हुआ है, जो शेयर बाजार में एक गंभीर आर्थिक अपराध माना जाता है। ईडी ने उन्हें शनिवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है।
क्या है फ्रंट रनिंग?
फ्रंट रनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ब्रोकर, ट्रेडर या फंड मैनेजर अपने क्लाइंट के बड़े सौदों की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर पहले खुद के लिए सौदे करता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद उसे निजी लाभ हो।
क्या हैं आरोप?
वीरेश जोशी पर यह आरोप है कि उन्होंने म्यूचुअल फंड से जुड़े बड़े सौदों की जानकारी पहले ही बाहरी लोगों के साथ साझा की, जिससे उन्होंने भारी मुनाफा कमाया। ईडी इस केस में मनी ट्रेल, बैंक खातों और शेयर लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
जांच की शुरुआत
इससे पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इस मामले में शुरुआती जांच की थी और अनियमितताओं की पुष्टि के बाद केस ईडी को सौंपा गया था।
बाजार में हलचल
जोशी की गिरफ्तारी के बाद निवेशक वर्ग और फंड मैनेजमेंट सेक्टर में खलबली मच गई है। यह मामला म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में पारदर्शिता और नैतिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।


